Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
देहरादून: फरवरी साल 2019...ये दिन देश को गहरा जख्म दे गया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में साल 2019 में हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 44 जवानों को खो दिया था, जिनमें उत्तराखंड के भी 2 सपूत शामिल थे।
इसके बाद हुए एनकाउंटर अटैक में देहरादून के मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर विभूति ढौंडियाल भी शहीद हो गए थे। पुलवामा हमले की घटना को सालों बीत गए, लोगों की जिंदगी आगे बढ़ गई, लेकिन जिन परिवारों के सिर से रहनुमा का साया उठा था, वो अब भी दर्द में हैं। आइये आज पुलवामा में शहीद होने वाले वीर सपूतों को याद करें और उन्हें श्रधांजलि दें...