Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
चमोली: इस साल बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह 6 बजे ब्रह्ममुहूर्त में खोले जाएंगे।
बसंत पंचमी के मौके पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि नरेंद्रनगर राजमहल में बसंत पंचमी के दिन तय होती है, आज भी उसी परंपरा का पालन करते हुए धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की गई। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) यात्रा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार 13 फरवरी शाम को ही बदरी-केदार मंदिर समिति के चंद्रभाग स्थित विश्राम गृह पहुंची थी। चंद्रभाग में श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।
इसके बाद आज बुधवार 14 फरवरी को मंदिर समिति की तरफ से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया, जिसके बाद गाडूघड़ा में तेल पिरोया जाता है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले तिल का तेल पिराने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाता है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद गाडूघड़ा के तेल को भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। बता दें कि पिछले साल करीब 16 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किये थे, इस साल ये रिकॉर्ड टूट सकता है। शासन-प्रशासन चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुट गया है। साल 2023 में बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद हुए थे।