अपने बेबाक और सख्त रवैये के लिए जाने जाने वाले IAS Deepak Rawat एक बार फिर चर्चा में हैं। कुमायूं कमिश्नर दीपक रावत ने जनसुनवाई में महिला को उसके 17 लाख रुपये दिलवाये...
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: IAS Deepak Rawat helps woman get her Rs 17 lakh
नैनीताल: आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई की, इसमें आई शिकायतों का मौके पर ही समाधान भी किया।
IAS Deepak Rawat: On The Spot Decision
जन शिकायतों में अधिकांश शिकायतें, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद,अतिक्रमण, आर्थिक सहायता व भरण पोषण आदि से सम्बन्धित थीं। जनसुनवाई में आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को तलब कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया। काफी संख्या में भूमि विवाद के मामले आने पर दीपक रावत ने अपील की कि जो भी लोग भूमि क्रय करते हैं, वो भूमि क्रय करने से पहले भूमि की सभी जांच तहसील स्तर से सुनिश्चित करें। 17 फरवरी को हुई जनसुनवाई में रामपुर रोड हल्द्वानी निवासी ललिता बमेठा ने अपनी भूमि पर चल रहे विवाद के बारे में बताया। ललिता ने बताया कि पिछले साल उन्होंने ललित सिंह मेहरा से जमीन खरीदी थी। लेकिन ललित सिंह मेहरा ने महिला को गलत भूमि विक्रय कर दी। ये भूमि वर्ग-4 की यानी कि पट्टे वाली जमीन है। इसके बाद जनसुनवाई में ही दोनो पक्षों को तबल कर दिया गया। आगे पढ़िए...
आयुक्त दीपक रावत ने महिला ललिता बमेठा को भूमि की धनराशि वापस दिलाने के निर्देश दिये और जनसुनवाई में ही ललिता बमेठा को 17 लाख रूपये की धनराशि के चैक वापस दिलवाये। हैरान महिला को एक बार के लिए भरोसा ही नहीं हुआ कि जो वो देख-सुन रही है वो सच है। 17 लाख की धनराशि वापस दिलाने पर ललिता बमेठा ने भरी आखों से आयुक्त दीपक रावत का धन्यवाद किया। इसके बाद दीपक रावत ने वहां मौजूद बाकि लोगों को भी भूमि खरीद के संबंध में खास बातें बतायीं.. उन्होंने कहा कि भूमि खरीदने से पहले जरूरी बातें जैसे भूमि वर्ग-1 की है या नही, भूमि पर बैंक से ऋण तो नही लिया है, इसके साथ भूमि के रजिस्ट्रीकरण के पश्चात दाखिल खारिज आदि सभी बातें अच्छे से जांच लें। आईएस रावत ने कहा कि जमीन खरीदने के बाद उसकी चाहरदीवारी भी करें जिससे भविष्य में होने वाली धोखाधडी से बचा जा सके।