परिवहन विभाग की ओर से व्यावसायिक वाहनों को निर्देश जारी किया गया है। चारधाम यात्रा में जाने वाले किसी भी व्यवसायिक वाहन को छूट नहीं दी जाएगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Vehicle Location Tracking Device in Chardham Yatra 2024 Mandatory
हरिद्वार: चारधाम यात्रा 2024 में बिना वीएलटीडी की गाड़ियों को यात्रा करने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपनी गाड़ियों में यात्रा से पहले वीएलटीडी डिवाइस जरूर लगवा लें।
Chardham Yatra 2024: VLT Device Mandatory
परिवहन विभाग की ओर से इस बार चार धाम यात्रा जो कि 10 मई 2024 से शुरू होने वाली है, यात्रा में लगने वाली सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए वीएलटीडी डिवाइस यानी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (Vehicle Location Tracking Device) अनिवार्य कर दिया है। पिछले वर्ष भी इस डिवाइस को लगाना अनिवार्य किया दिया गया था। लेकिन परिवहन मंत्री चंदन रामदास की अध्यक्षता में यह मुद्दा उठाने पर परिवहन कारोबारियों को राहत दी गई थी। लेकिन इस बार परिवहन विभाग ने सख्ती से यह आदेश दिया है कि चारधाम यात्रा में जाने वाले किसी भी व्यवसायिक वाहन को छूट नहीं दी जाएगी। अभी प्रदेश में 10 हजार से अधिक व्यवसायिक वाहन हैं जिनमें वीएलटीडी (VLTD) लगाना शेष है। इस बार इनको यात्रा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यदि किसी के व्यावसायिक वाहन पर वीएलटीडी नहीं लगा है तो यात्रा शुरू होने से पूर्व वो इसे लगा लें।
क्या होता है वीएलटीडी ?
वीएलटीडी जिसे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइज (Vehicle Location Tracking Device) कहा जाता है। यह एक ऐसा डिवाइस है जो वाहन को ट्रैक करता है और गाड़ी की लोकेशन की जानकारी देता है। इस आधुनिक वाहन ट्रैकिंग सिस्टम में गाड़ी का पता लगाने के लिए जीपीएस या ग्लोनास तकनीक का उपयोग किया जाता है। आगे पढ़िए...
वीएलटीडी के फायदे (Benefits of VLTD)
* परिवहन विभाग के पास यात्रा में लगी गाड़ियों का लोकेशन एक्सेस होगा।
* सभी आमजन जिनमें मुख्यरूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग यात्रा में सुरक्षित सफर कर सकेंगे।
* गाड़ी चोरी होने पर उसका पता लगाना होगा आसान।
* चार धाम यात्रा रुट पर यदि कोई गाड़ी भटक जाती है तो उसे सही रुट पर लाना।
डिवाइस नहीं तो कटेगा चालान:
परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में जिन भी सार्वजनिक वाहनों में सवारियां सफर करती हैं। उन सभी में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगवाना जरूरी है। ताकि बच्चों और महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। आदेश न मानने पर सख्ती से चालान किया जाएगा।
नियम आम व्यावसायिक वाहनों के लिए भी लागू:
परिवहन विभाग द्वारा लिया गया यह फैसला जनता की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। नए वाहनों में यह डिवाइस कंपनी से ही लगकर आते हैं लेकिन पुराने कुछ वाहन अभी इस से वंचित हैं, जिनके लिए इस बार अनिवार्यता की गई है। इस डिवाइस के माध्यम से कमांड सेण्टर के पास गाड़ी की पूरी जानकारी पहुँचती है कि कौन सा वाहन कब कहाँ पर है और यदि कोई अनहोनी होती है तो सवारी पैनिक बटन दबाकर पुलिस को इसकी सूचना दे सकती है।