देहरादून से इन शहरों के लिए जाने वाली ट्रेनों में हालात बेकाबू। आरक्षित श्रेणियों में भी लोगों को सीट नहीं मिल पा रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Heavy Crowds in Railway Station For Holi Festival
देहरादून: होली की छुट्टी पर घर जाने वालों की रेलवे स्टेशनों और आईएसबीटी में लगी लम्बी कतारें। उपासना एक्सप्रेस, हावड़ा एक्सप्रेस, वंदे भारत किसी भी ट्रैन में सीट उपलब्ध नहीं है।
Heavy Crowds in Railway Station For Holi Festival
होली के अवसर पर देहरादून से निकलने वाली ट्रेनों में मारामारी की स्थिति बनी हुई है। आरक्षित श्रेणियों में भी लोगों को सीट नहीं मिल पा रही है। जनरल कोच के हालत तो बेहद ही बुरे हैं। ऐसे में लोग त्योहार मनाने के लिए बस या अन्य साधनों का सहारा लेने पर मजबूर हैं।
लोग हमेशा लम्बी यात्रा के लिए ट्रैन को ही चुनते हैं क्यूंकि सबसे सुगम, सस्ता और आरामदायक सफर रैली में ही किया जाता है। अब होली का त्योहार सिर्फ तीन दिन दूर है। इसलिए गाँव से शहर में आए लोग होली मनाने अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन ट्रैन में खड़े होने तक की जगह नहीं हैं।
23,24 व 25 मार्च को दून से जाने वाली सभी ट्रेनें फुल
देहरादून से चलने वाली हावड़ा एक्सप्रेस, वंदे भारत, शताब्दी या फिर उपासना एक्सप्रेस किसी भी ट्रेन में सीट उपलब्ध नहीं हैं। अगले तीन दिन 23,24 व 25 मार्च देहरादून से जाने वाली सभी ट्रेनों की सीट फुल हैं। इनमें अगर वेटिंग लिस्ट की बात की जाय तो वो 100 से अधिक है। इसके अलावा 27 मार्च से लेकर 1 अप्रैल तक देहरादून से आने वाली ट्रेनों में भी यात्रा करने के लिए जगह नहीं है।
ट्रेनों में इतनी भीड़ हैं की घर जाने के लिए जनरल डिब्बे भी खचाखच भरे हैं। इन डिब्बों में सीट की कमी के कारण यात्रियों को फर्श पर बैठकर यात्रा करनी पड़ रही है। हालांकि कई आरक्षित श्रेणियों की ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाई गई है, फिर भी स्थिति बुरी है।