चमोली जिले के विकासखंड जोशीमठ में भारत-तिब्बत सीमा पर लगे नीती घाटी में स्थित एक अद्भुत तीर्थ स्थल है जहां भगवान शिव बर्फ के शिवलिंग के रूप में साल के इस वक्त भक्तों को अपने दर्शन देते हैं।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: baba barfani timmersain mahadev niti valley joshimath
चमोली: भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित भारत का आखिरी सीमान्त गांव, नीती गांव है। भोटिया जनजाति के लोग साल के छह महीने नीती गांव में रहते हैं। और सर्दियों के दौरान ये लोग शीतकालीन प्रवास के लिए निचले इलाकों में निवास करने आते हैं। साल के छह महीनों में गर्मी के मौसम में, जब लोग नीती गांव में रहते हैं, तो ये पूरा सीमांत गांव में मानवीय चहल-पहल रहता है।
नीती घाटी में बर्फबारी बंद होने से अब टिम्मरसैण महादेव में बर्फ के कई शिवलिंग अपने आकार में आ चुके हैं। टिम्मरसैण में बने बर्फ के शिवलिंग श्रदालुओं को सीमांत क्षेत्र नीती घाटी की और आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन उचित संसाधनों और प्रचार-प्रसार के अभाव में सीमांत क्षेत्र टिम्मरसैंण महादेव देश दुनिया की नजरों में ज्यादा नहीं आ पाए हैं । जिसके चलते अधिकांश स्थानीय लोग ही टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन के लिए पहुंच पा रहे हैं।
नीती घाटी में अदबुद्ध शांति
टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन करके लौटे श्रदालुओं का कहना है कि चमोली में बर्फ से बने शिवलिंग और बर्फ से ढकी नीती घाटी में उन्हें अदबुद्ध शांति महसूस हुई। नीती घाटी से लौटने के बाद शिव भक्त खुश और अद्भुत महसूर कर रहे हैं। रास्ते में हाईवे किनारे भारी बर्फ के साथ बर्फ से लकदक चोटियां व शांति वादियां, अद्भुत एहसास महसूस हो रहा है। ये एहसास यात्रियों के मन में टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा को याद रखेगी। श्रदालुओं का कहना है कि नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैण महादेव का प्रचार अमरनाथ की तर्ज पर होता है तो नीती घाटी का विकास तो होगा ही साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
बाबा बर्फानी टिम्मरसैंण पहुँचे सैकड़ों भक्त
सीमांत नीती घाटी में टिम्मरसैंण महादेव के दर्शनों को भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। चमोली जिले के जोशीमठ नीति मलारी हाइवे पर बर्फबारी के चलते हाईवे बाधित हो गया था। अब हाइवे के खुलते ही हर रोज सैकड़ों की संख्या में शिव भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए टिम्मरसैंण पहुँच रहे हैं। हर रोज पर्यटकों की इतनी भीड़ को देखकर सभी स्थानीय कारोबारी में उत्साह बना हुआ है।
नीती घाटी अभी तक बर्फ से ढकी
सर्दियों का मौसम जाते ही राज्य के ग्रीष्म कालीन पर्यटक स्थल खुलने शुरू हो गए हैं। शुरुवात में ही पर्यटकों की भीड़ आनी शुरू हो गई है । चमोली जिले में मौसम के साफ होते ही सीमा सड़क संगठन ने जोशीमठ नीति मलारी हाइवे से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर दिया है। हाइवे के खुलते ही नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैण महादेव के दर्शन करने के लिए हर दिन श्रदालुओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सीमान्त घाटी नीती अभी तक भी चारों तरफ से बर्फ से ढकी हुई है। पर्यटक टिम्मरसैण महादेव के दर्शन के साथ ही बर्फ का लुफ्त उठाने के लिए सैकड़ों की संख्या में नीती पहुंच रहे हैं।