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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चम्पावत: प्रदीप बोहरा का निधन शुक्रवार को राजस्थान के रेलवे स्टेशन में पैर फिसलने के कारण हुआ था। जिसके बाद शव को पहले यूनिट ले जाया गया और फिर आज उनके निवास स्थान पर अंतिम विदाई दी गई।
सैनिक प्रदीप बोहरा निवासी खेतीखान तपनीपाल (लोहाघाट) विगत शुक्रवार को राजस्थान से छुट्टी लेकर ट्रेन से अपने गांव तपनीपाल के लिए लौट रहे थे। इसी दौरान चूरू (राजस्थान) में चलती ट्रेन से पैर फिसलने के कारण प्रदीप की मौत हो गई। सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे से लिपटा हुआ तपनीपाल पहुँचने पर परिजनों ने रोकर उन्हें अपनी आंचल में समेट लिया। इस दुखद खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।