Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
चम्पावत: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के भी अजबोगरीब कारनामे सामने आ रहे हैं। चम्पावत जिले के एक सरकारी विद्यालय का एक सहायक अध्यापक तीन साल से ड्यूटी से लापता है।
शिक्षा विभाग को इस बात की कोई खबर नहीं थी। खबर सामने आने के बाद उन्हें ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया। सहायक अध्यापक के लम्बे समय से अनुपस्थित होने की खबर तब सामने आई जब लापता सहायक अध्यापक को मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया था। चुनाव ड्यूटी के प्रशिक्षण मेंअध्यापक अनुपस्थित था। जिसके बाद से सहायक अध्यापक की लापता होने की खबर सामने आई। इसके बाद विभाग ने इस मामले पर त्वरित कार्यवाही की। चम्पावत जिला निर्वाचन अधिकारी और चम्पावत जिलाधिकारी नवनीत पांडे के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने आरोपी सहायक अध्यापक को तत्काल निलंबित कर दिया है।
लोकसभा चुनाव के नोडल अधिकारी व मुख्य शिक्षाधिकारी मेहरबान सिंह विष्ट ने बताया कि चम्पावत के बाराकोट विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय पांचपीपल में तैनात सहायक अध्यापक खीमेंद्र सिंह रौतेला को लोकसभा चुनाव के लिए प्रशिक्षण में मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया था। बीते 19 मार्च को हुए प्रशिक्षण में खीमेंद्र सिंह रौतेला के अनुपस्थित थे। जिसके बाद छानबीन में पता लगा कि खीमेंद्र सिंह तो बहुत लम्बे समय से विद्यालय से लापता हैं।
सहायक अध्यापक के इस तरह सालों से विद्यालय में अनुपस्थित होने के मामले में विभाग ने अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की थी। विभाग ने अध्यापक को तीन दिनों के भीतर अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। लेकिन आरोपी सहायक अध्यापक खीमेंद्र सिंह रौतेला ने विभाग द्वारा दिए गए समय अंतराल में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम नवनीत पांडे के निर्देश पर अध्यापक को निलंबित कर दिया।