Lok Sabha Election 2024: उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक अनोखी खबर है। यहां एक शिक्षक के पिछले तीन वर्षों से लापता होने का एक मामला सामने आया है। पता तब लगा जब लोकसभा चुनाव में शिक्षक की ड्यूटी लगी लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण में नहीं आया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Image: school teacher was absent for three years
चम्पावत: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के भी अजबोगरीब कारनामे सामने आ रहे हैं। चम्पावत जिले के एक सरकारी विद्यालय का एक सहायक अध्यापक तीन साल से ड्यूटी से लापता है।
school teacher was absent for three years
शिक्षा विभाग को इस बात की कोई खबर नहीं थी। खबर सामने आने के बाद उन्हें ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया। सहायक अध्यापक के लम्बे समय से अनुपस्थित होने की खबर तब सामने आई जब लापता सहायक अध्यापक को मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया था। चुनाव ड्यूटी के प्रशिक्षण मेंअध्यापक अनुपस्थित था। जिसके बाद से सहायक अध्यापक की लापता होने की खबर सामने आई। इसके बाद विभाग ने इस मामले पर त्वरित कार्यवाही की। चम्पावत जिला निर्वाचन अधिकारी और चम्पावत जिलाधिकारी नवनीत पांडे के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने आरोपी सहायक अध्यापक को तत्काल निलंबित कर दिया है।
लोकसभा चुनाव 2024 में ड्यूटी लगी तो सामने आई हकीकत
लोकसभा चुनाव के नोडल अधिकारी व मुख्य शिक्षाधिकारी मेहरबान सिंह विष्ट ने बताया कि चम्पावत के बाराकोट विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय पांचपीपल में तैनात सहायक अध्यापक खीमेंद्र सिंह रौतेला को लोकसभा चुनाव के लिए प्रशिक्षण में मतदान अधिकारी प्रथम बनाया गया था। बीते 19 मार्च को हुए प्रशिक्षण में खीमेंद्र सिंह रौतेला के अनुपस्थित थे। जिसके बाद छानबीन में पता लगा कि खीमेंद्र सिंह तो बहुत लम्बे समय से विद्यालय से लापता हैं।
तीन दिन बाद भी नहीं आया स्पष्टीकरण
सहायक अध्यापक के इस तरह सालों से विद्यालय में अनुपस्थित होने के मामले में विभाग ने अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की थी। विभाग ने अध्यापक को तीन दिनों के भीतर अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। लेकिन आरोपी सहायक अध्यापक खीमेंद्र सिंह रौतेला ने विभाग द्वारा दिए गए समय अंतराल में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम नवनीत पांडे के निर्देश पर अध्यापक को निलंबित कर दिया।