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अल्मोड़ा: सरकारी नौकरी के ऐसे मजे आपने नहीं सुने होंगे जैसे उत्तराखंड में हैं। नौकरी भी मत करो और तनख्वाह हर महीने पाओ। तनख्वाह न मिले तो CM की मीटिंग में हंगामा खड़ा कर दो। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने में उन लोगों का भी उतना ही हाथ है जो ऐसे शिक्षकों की तरफदारी करते हैं।
उत्तराखंड के कुमायूं मंडल के अल्मोड़ा जिले में में तैनात चार शिक्षिकाएं लंबे समय से बिना किसी जानकारी के एब्सेंट चल रही थी। विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद शिक्षिकाओं ने कोई संज्ञान नहीं दिया। लम्बे समय तक बिना जानकारी गायब रहने के कारण अब जाकर शिक्षा विभाग ने चारों शिक्षिकाओं पर कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। विभाग ने इन चारों शिक्षिकाओं के की सेवा समाप्ति के लिए कार्यवाही की गई है। पिछले मार्च महीने में शिक्षा विभाग ने कुमायूं की दो शिक्षिकाओं को सेवा से बर्खास्त की जा चुकी हैं।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग के मंडलीय कार्यालय जानकारी मिली है कि विज्ञान शरण और बागेश्वर में नियुक्त उमा टम्टा और शालिनी आर्य के खिलाफ शिक्षा विभाग द्वारा लम्बे समय तक बिना किसी सरकारी अनुमति के अनुपस्थित रहने के जुर्म में सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही अल्मोड़ा में तैनात ममता भट्ट और जिले के राष्ट्रीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डूंगरा धौलादेवी में कला विषय की शिक्षिका मीनाक्षी जोशी 3 जुलाई 2018 से अनादिकृत रूप से विद्यालय में लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। शिक्षा विभाग द्वारा खंड एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी से आख्या तलब कर नोटिस देने के साथ शिक्षिका मीनाक्षी जोशी की सेवा समाप्ति की कार्यवाही शुरू कर दी है। ममता भट्ट पर भी बिना किसी सरकारी अनुमति के अनुपस्थित रहने के जुर्म में सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जा रही है।