वायरल ऑडियो: उत्तराखंड में बीजेपी नेता को मंत्री बनाने के नाम पर 30 लाख की ठगी

सोशल मीडिया पर भाजपा नेता का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, इसमें एक व्यक्ति मंत्री बनाने के लिए दूसरे व्यक्ति से 30 लाख ठगने का आरोप लगा रहा है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Pradeep Nainwal Kailash Pant Audio: Fruad Of Rs 30 Lakh for Making Minister in Uttarakhand
Image: Fruad Of Rs 30 Lakh for Making Minister in Uttarakhand

अल्मोड़ा: ऑडियो को विधायक प्रमोद नैनवाल और उत्तराखंड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष (दर्जाधारी) कैलाश पंत की अदावत से जोड़ा जा रहा है। हालांकि अभी ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।

Fruad of Rs 30 Lakh for Making Minister

प्रदेश की राजनीती में इस वक्त एक बहुत बड़े वायरल ऑडियो ने खलबली मचा दी है उत्तराखंड के जनपद भतरौंजखान में भाजपा के दो गुटों में उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस वायरल ऑडियो को कथित रूप से भाजपा के एक विधायक का बताया जा रहा है। जिसमें एक व्यक्ति मंत्री बनाने के लिए दूसरे व्यक्ति पर 30 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा रहा है। ऑडियो में विधायक प्रमोद नैनवाल और उत्तराखंड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष (दर्जाधारी) कैलाश पंत का होना बताया जा रहा है लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने शेयर किया ऑडियो

बीते दिन ही विधायक के भाई और भांजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है और वहीं विधायक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान के खिलाफ भी क्रॉस मुकदमा दर्ज किया है और अब इसी बीच विधायक प्रमोद नैनवाल का कथित ऑडियो भी वायरल हो रहा है जिसे कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने शेयर किया है। इस वायरल ऑडियो के जरिए कांग्रेस बीजेपी पर ताबड़तोड़ हमला कर रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा लगाए आरोप

आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा इससे पहले भी बीजेपी विधायक के भाई का नाम उद्यान विभाग के घोटाले में सामने आया था फिर विधायक के भरी और भांजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है और अब ठीक नया प्रकरण सामने आया है, जिसमें वो मंत्री बनाए जाने को लेकर पैसे देने की बात एक नेता से कर रहे हैं। इस बात में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन राजनीति किस दिशा की ओर जा रही है यह उसको दिखाता है। हालांकि फिर उन्होंने इसे बीजेपी का अंदरूनी मामला बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी गरिमा का ध्यान जरूर रखना चाहिए।