ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत बन रही एक और निकास सुरंग का निर्माण कार्य सोमवार 20 मई पूरी हो गया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Khankra-Dungripanth tunnel completed in Rishikesh-Karnprayag rail
रुद्रप्रयाग: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग जिले में खांकरा से डुंगरीपंथ के बीच बन रही यह निकास सुरंग बीते सोमवार को आर-पार हो गई। खांकरा से डुंगरीपंथ के बीच बनने वाली ये निकास सुरंग 5.1 किमी लंबी है।
Khankra-Dungripanth tunnel completed in Rishikesh-Karnprayag rail
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंग निर्माण का कार्य कर रही कंपनी मैक्स इंफ्रा (आइ) प्रा.लि. के एचआर "राजेंद्र भंडारी" ने बताया कि आरवीएनएल, जिला प्रशासन व स्थानीय जनता के सहयोग से रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयास है ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच नौ पैकेज में कार्य
रेल विकास निगम के वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि 16,216 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जल्द ही पूरी होने वाली है। उन्होंने आगे बताया कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच नौ पैकेज में कार्य चल रहा है। बीते सोमवार 20 मई को एक और बड़ी निकास सुरंग आर-पार हो गई। उन्होंने बताया कि 5.1 किमी लंबी निकास सुरंग के साथ बन रही मुख्य सुरंग भी जल्द ही आर-पार हो जाएगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर एक नजर
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। इसमें लक्ष्य निर्धारित किया गया था कि इस रेल परियोजना का कार्य वर्ष 2025 तक पूर्ण किया जाएगा, और इसके यह रेल 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी। इनमे से सबसे लंबी सुंरग 14.08 किमी देवप्रयाग से जनासू के बीच और सबसे छोटी सुरंग 200 मीटर सेवई से कर्णप्रयाग के बीच होगी। 11 सुरंगों की लंबाई छह किमी से अधिक है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत वीरभद्र, योगनगरी ऋषिकेश, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, धारी देवी, गौचर व कर्णप्रयाग (सेवई), रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर में 13 स्टेशन बनने हैं।