Chardham Yatra 2024: मात्र 15 दिनों में 200 करोड़ से अधिक का कारोबार

चारधाम यात्रा अभी पीक पर है श्रद्धालुओं से उत्तराखंड के सभी धाम भीड़ से खचाखच भरे हुए हैं। इस बीच प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी काफी अच्छा बूम मिला है।
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Chardham Yatra 2024: Business Of More Than Rs 200 Crore In Just 15 Days of Chardham Yatra
Image: Business Of More Than Rs 200 Crore In Just 15 Days of Chardham Yatra

देहरादून: चार धाम यात्रा में तीर्थयात्री प्रदेश के कारोबार को एक अच्छी गति प्रदान कर रहे हैं, स्थानीय व्यवसायों में रौनक लौट आई है। यात्रा शुरू होने से 15 दिन तक अनुमानित होटल, ढाबे, ट्रैवल से जुड़े व्यापारियों का अनुमानित कारोबार 200 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है।

Business Of More Than Rs 200 Crore In Just 15 Days of Chardham Yatra

इस बार चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या को ने कई नए रिकॉर्ड स्थापित कर दिए हैं। साथ हो प्रदेश सरकार को भी व्यवस्था बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सभी एकजुट होकर यात्रा को सफल बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि वर्तमान में चारों धामों में रिकॉर्ड तीर्थयात्री पहुँच रहे हैं। जिससे सभी धामों में दबाव बढ़ गया है लेकिन इससे स्थानीय कारोबारियों का अच्छा मुनाफा हो रहा है। यात्रा शुरू होने से महज 15 दिनों के अंदर ही चारोंधामों में होटल, ढाबे, ट्रैवल से लेकर विभिन्न व्यावसायियों ने अनुमानित 200 करोड़ से अधिक का व्यापार कर लिया है। इसमें अभी तक अकेले गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने ही 22 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। जबकि टैक्स और अन्य प्रत्यक्ष एवं परोक्ष माध्यमों से होने वाली आय इससे कई गुना अधिक है।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

चारधाम होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजय पूरी बताते हैं कि गंगोत्री घाटी में करीब 400 होटल हैं और यमुनोत्री में करीब 300 होटल साथ ही होम स्टे व धर्मशाला। वहीं बद्रीनाथ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता बताते हैं कि श्रीनगर से बद्रीनाथ और रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक करीब 850 होटल, धर्मशालाएं व होमस्टे हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार यात्रा देर से शुरू हुई है और इस पीक सीजन के दौरान दो से तीन गुना भीड़ उमड़ रही है। इस से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सभी कारोबारियों का अच्छा कारोबार हुआ है। जिसमें अनुमानित होटल, ढाबों और होम स्टे से लगभग 80 करोड़, दुकानदारों से 20 करोड़, ट्रेवल से 40 करोड़, घोड़ा, खच्चर, डंडी कंडी और गाइड आदि से 30 करोड़ व अन्य से 30 करोड़ की कमाई हो चुकी है। साथ ही र्किंग, एंट्री समेत विभिन्न टैक्स और मंदिर समिति से लेकर तीर्थ पुरोहितों की भी अच्छी कमाई हुई है और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।