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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: बीते दिनों चारधाम यात्रा पर आए एक ही दिन में चार श्रद्धालुओं की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। इनमें यूपी के 2 और महाराष्ट्र व हरियाणा के एक-एक यात्री शामिल हैं। यात्रा शुरू होने से अब तक 84 तीर्थयात्रियों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच लगातार हो रही मौतें बेहद दुःखद हैं। मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों बदरीनाथ धाम में परिजनों के साथ आए चार तीर्थयात्रियों की हृदयगति रुकने से मौत हो गई है। इनमें दो उत्तर प्रदेश के और महाराष्ट्र और हरियाणा का एक-एक यात्री थे। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, और हेमकुंड की यात्रा पर आए अब तक 84 तीर्थयात्रियों की हृदयगति रुकने से मौत हो गई है। इनमें यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान 20 और गंगोत्री धाम की यात्रा पर छह तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। केदारनाथ धाम में 27, बदरीनाथ में 28 और हेमकुंड में तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है।
चारधाम यात्रा के दौरान मौसम अनियमित रहता है। पहाड़ों में स्थित चारधाम यात्रा के रूट की वजह से यात्रा करने के लिए विभिन्न परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यात्रियों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है या आपको कोई ह्रदय संबंधी बीमारियां हैं तो आपको प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच के बाद ही चारधाम यात्रा पर निकलना चाहिए। हाई एल्टिट्यूट होने से यात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो रही है। दूसरा कारण यह है कि इस समय मैदानी क्षेत्रों में मौसम गर्म है और चारों धामों में ठन्डे मौसम के अनुकूल न ढ़लने की वजह से भी अधिक उम्र के लोग अपनी जान गँवा रहे हैं।