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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: मंगलवार को बैठक में धामी सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की सीमा खत्म कर दी है। चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण कर उन्हें यात्रा पर भेजा जा रहा है। पंजीकरण की संख्या अब असीमित है।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं के लिए प्रदेश सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। मंगलवार को हुई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में ये फैसला लिया गया कि पंजीकरण की सीमा को अब सीमित नहीं रखा जाए और जितने भी तीर्थयात्री आ रहे हैं उनका पंजीकरण कर चारधाम यात्रा पर भेजा जाए। साथ ही बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाएं जिससे श्रद्धालुओं को किसी समस्या से न गुजरना पड़े और तीर्थयात्री एक सुखद संदेश लेकर उत्तराखंड से अपने गंतव्य को जाएं।
चारधाम यात्रा शुरू होने से अब तक तीर्थयात्रियों का आकड़ा करीब 20 लाख से अधिक पार कर चुका है और प्रतिदिन चारों धामों में 50 से 55 हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुँच रहे हैं। दुःखद खबर ये भी है कि मौतों का आकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है अभी तक 109 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। बीते दिन हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में धामी जी ने निर्देश दिए गए कि यात्रा प्राधिकरण के गठन के लिए कर्तव्यों और दायित्वों का निर्धारण किया जाए। इसमें प्रशासन, मंदिर, परिवहन, टूर एजेंट और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा मार्गों पर 42 सीटर बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।