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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: 27 वर्षीय श्रवण कुमार चौहान 14वीं बटालियन में लेह -लद्दाख बोर्डर में तैनात थे। गुरुवार को अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
उत्तराखंड के एक और वीर सपूत ने मां भारती की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। लद्दाख सीमा पर तैनात उत्तरकाशी का जवान शहीद हो गया है। भारतीय सेना के लेह-लद्दाख बॉर्डर पर तैनात उत्तरकाशी तहसील बड़कोट के सरनौल गांव के श्रवण चौहान की अचानक तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई। जवान की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। श्रवण कुमार चौहान पुत्र शूरवीर सिंह चौहान भारतीय सेना की 14वीं बटालियन में लेह-लद्दाख बॉर्डर पर तैनात थे। गुरुवार को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
शहीद की खबर से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक छा गया है। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पहुंचा, जहां से भारतीय सेना के एंबुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव सरनौल लाया जा रहा है। श्रवण के दो और भाई भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं और उनके माता-पिता गांव में खेती-बाड़ी का काम करते हैं। शहीद श्रवण 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वे अभी अविवाहित थे। इस दुःख के समय में भगवान उनके परिवार को इसे सहने की शक्ति दे।