Uttarakhand: शहीद के परिवार को 50 लाख अनुदान राशि, कारगिल विजय दिवस पर CM Dhami ने की 4 बड़ी घोषणाएं

सीएम पुष्कर सिंह धामी जी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद सैनिकों के परिवार के लिए चार बड़ी घोषणनाएं की हैं।
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CM Pushkar Singh Dhami: Dhami Govt Will Give 50 Lakh To The Families of Martyrs
Image: Dhami Govt Will Give 50 Lakh To The Families of Martyrs

देहरादून: कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक के पुत्र के रूप में अपनी भूमिका निभाई। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों के आश्रितों के लिए मदद राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है।

Dhami Govt. Will Give 50 Lakh To The Families of Martyrs

आज देशभर में कारगिल युद्ध विजय दिवस मनाया जा रहा है। उत्तराखंड में भी यह दिन धूमधाम से मनाया जा रहा है जहां विभिन्न स्थानों पर शहीदों की समाधियों पर श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी और वीर जवानों को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने सैन्य परिवारों के लिए महत्वपूर्ण घोषणायें की जिससे उनके बीच खुशी देखने को मिल रही है।

धामी सरकार की चार बड़ी घोषणाएं

कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं हैं। जिसमें शहीद सैनिकों के अनुग्रह अनुदान को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया जाएगा। शहीद सैनिकों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 5 साल की जाएगी। इसके अलावा शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ग और घ के अलावा अन्य विभागों में भी नियुक्ति दी जाएगी। सैनिक कल्याण विभाग के संविदा कर्मियों को उपनल (आउटसोर्सिंग) कर्मियों की तरह छुट्टियां भी दी जाएंगी।

सैनिकों को सैन्य सम्मान देना हमारा कर्तव्य

इस अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल युद्ध में हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया। भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में वीरता दिखाते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, जिससे पूरी दुनिया ने भारतीय सेना की शक्ति को स्वीकार किया। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शहीद सैनिकों का बलिदान हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल की विजय गाथा उत्तराखंड के 75 वीरों के बिना अधूरी है और उनकी याद हमारे लिए हमेशा जीवित रहेगी। हमारी सांस्कृतिक मान्यता के अनुसार देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वोच्च है।