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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: बुधवार देर शाम से गुरुवार शाम 5 बजे तक 5 हेलीकॉप्टरों के माध्यम से 375 यात्रियों और 1460 यात्रियों का मैनुअल रेस्क्यू किया गया है। इनमें 40 महिलाएं और 25 बच्चे भी शामिल हैं। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर लैंडस्लाइड और वॉश आउट की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल 1835 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
भारी बारिश के बाद केदारघाटी में रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। जिसमें अभी तक 1835 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। मौके पर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ और एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं। वहीं केदारनाथ घाटी में अब भी सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। बुधवार शाम को हुई भारी बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी नुकसान हुआ है। भीमबली और लिनचोली में सबसे अधिक क्षति आई है। भीमबली चौकी से लगभग 70 मीटर आगे मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि गौरीकुंड में गर्म कुंड बह गया है। इसके अलावा रामबाड़ा में मंदाकिनी नदी पर स्थित दो पुल भी बह गए हैं।