केदारनाथ सीट: जल्द होंगे उपचुनाव, जनता मांग रही बदलाव.. किसे टिकट देगी बीजेपी?

उत्तराखंड में बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली केदारनाथ सीट पर पार्टी का चेहरा कौन बनेगा ? ये इस वक्त बड़ा सवाल है। केदारघाटी में ग्राउंड लेवल की बात करें.. तो फिलहाल चार नामों की सुगबुगाहट है।
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Kedarnath By-elections 2024: BJP Ticket Contenders in Kedarnath Seat By-Elections 2024
Image: BJP Ticket Contenders in Kedarnath Seat By-Elections 2024

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ विधान सभा सीट से BJP विधायक शैलारानी रावत का नौ जुलाई को निधन हो गया। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि केदारनाथ विधानसभा सीट रिक्त होने के संबंध में उपचुनाव का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेज दिया गया है।

BJP Ticket Contenders in Kedarnath Seat By-Elections 2024

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयोग यूपी में होने वाले उपचुनावों के साथ ही इस सीट पर भी उपचुनाव करा सकता है। हाल ही में, चुनाव आयोग ने बदरीनाथ और मंगलौर विधानसभा का उपचुनाव संपन्न कराया है, जिसमें दोनों सीटों पर मिली हार ने बीजेपी को जरूर ही समीक्षा और मंथन करने के लिए चेता दिया होगा। पार्टी के सामने अब अगली चुनौती केदारनाथ विधानसभा सीट पर चेहरा घोषित करना है। उत्तराखंड में बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली केदारनाथ सीट पर पार्टी का चेहरा कौन बनेगा ? ये इस वक्त बड़ा सवाल है। केदारघाटी में ग्राउंड लेवल की बात करें.. तो फिलहाल चार नामों की सुगबुगाहट है।

1. ऐश्वर्या रावत

केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत का बस यही पालिटिकल पोर्टफोलियो है। सहानुभूति के वोट्स जरूर ऐश्वर्या अपनी और खींच सकती हैं। बेशक वो पढ़ी लिखी हैं और हाल ही में सोशल मीडिया में दिए एक इंटरव्यू में चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं। यहां समस्या ये है कि बीजेपी का केदारनाथ सीट पर पिछली जीत का मार्जिन इतना नहीं था, कि बीजेपी केवल सिमपैथी वोट्स पर सीट निकालने का दांव खेले।

2. आशा नौटियाल

आशा नौटियाल पहले भी केदारनाथ विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। इसलिए उनका इस सीट पर दबदबा ज्यादा माना जाता रहा है। वर्ष 2022 से उत्तराखंड महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं। पिछले चुनावों में बीजेपी ने उनकी जगह शैला रानी रावत को टिकट देकर बड़ा रिस्क लिया था, पर बीजेपी किसी तरह सीट निकालने में कामयाब रही।

3. संजय शर्मा दरमोड़ा

दरम्वाड़ी गांव के संजय शर्मा दरमोड़ा अपना अलग प्रभाव रखते हैं। युवा चेहरा, पढ़े-लिखे और शालीन माने जाने वाले संजय शर्मा दरमोड़ा हाईकोर्ट के सॉलिसिटर हैं। पिछले कई वर्षों से सामाजिक कार्य कर रहे हैं। हंसमुख हैं, स्थानीय जनता के साथ सुख-दुःख में नजर आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किताबें और शिक्षा से सम्बंधित वस्तुएं बांटते उन्हें अक्सर देखा जाता है। बीजेपी के टिकट के सही मायनों में दावेदार।

4. कुलदीप रावत

पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी, पिछली दो बार चुनाव हारे। अभी-अभी बीजेपी में शामिल हुए कुलदीप रावत एक प्रॉपर्टी डीलर हैं। दीक्षा प्रॉपर्टीज के नाम से उन्होंने खूब पैसा कमाया है। करोड़ों रूपये चुनाव में खर्च करने को अब भी पूरी तरह तैयार कुलदीप रावत पर आरोप लगते रहे हैं कि वो अपना वोट बैंक बनाने के लिए युवाओं के बीच पैसा और शराब परोसते हैं। खबर तो ये भी है कि बीजेपी की टिकट पाने के लिए कुलदीप रावत किसी भी हद तक पैसा बहा सकते हैं। धनबल के दम पर वो अपनी हर जिद पूरी करना चाहते हैं। विकास का विज़न ? बस इस बारे में नहीं जानते।

भविष्य का नेता चुनेगी केदारघाटी की जनता

PM मोदी को प्रिय इस सीट से बीजेपी का एक मजबूत नेता उभर सकता है। एक ऐसा नेता जो क्षेत्र की समस्याओं को मुखर होकर सरकार के सामने रखे, जिसके पास पहाड़ों में शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाओं को लेकर कोई सोच हो। जो पढ़ा-लिखा हो और सबसे जरूरी जो बीजेपी के लिए भविष्य में अपने और अपने काम के दम पर खुद सीट निकाल कर दे.. जाहिर है जनता ऐसा ही प्रतिनिधि चाहेगी। और जनता ही तो जनार्दन है।