उत्तराखंड: लहूलुहान होकर भी अंत तक लड़ते रहे लक्ष्य सेन, पदक से चूके पर दिल जीत लिया

पेरिस ओलिंपिक 2024 में भारत को एक बड़ा झटका लगा जब स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने कांस्य पदक के मुकाबले में वर्ल्ड नंबर सात मलेशिया के ली जी जिया से हार का सामना किया।
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Paris Olympics 2024: Lakshya Sen Lose Bronze Medal Match Paris Olympics 2024
Image: Lakshya Sen Lose Bronze Medal Match Paris Olympics 2024

अल्मोड़ा: लहूलुहान होने पर भी लक्ष्य सेन अंत तक पूरे प्रयास से लड़ते रहे। खेल के दौरान मैच को कई बार रोकना भी पड़ा क्योंकि लक्ष्य सेन के हाथ में लगी चोट से खून बहने लगा था। जैसे ही बैडमिंटन कोर्ट पर सेन के हाथ से खून की बूंदें गिरीं, रेफरी ने तुरंत मैच रोक दिया और हाथ पर बंधी बैंडेज को ठीक से बंधवाया।

Lakshya Sen Lose Bronze Medal Match Paris Olympics 2024

भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ब्रॉन्ज मेडल मैच नहीं जीत सके। उन्हें बैडमिंटन के मेंस सिंगल इवेंट में हार का सामना करना पड़ा, यह भारत के लिए एक निराशाजनक पल था। उत्तराखंड के युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन इतिहास रचते अगर वो इस मैच को जीत गए होते। क्योंकि भारत ने कभी भी मेंस सिंगल इवेंट में कोई मेडल नहीं जीता है। लक्ष्य सेन पहले खिलाड़ी हो सकते थे जो ऐसा करते। इस मुकाबले में उन्हें मलेशिया के ली जी जिया से हार मिली और यह मैच दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी रोमांचक रहा।

चोटिल होने पर भी पूरी ताकत से लड़ते रहे

लक्ष्य सेन और ली जी जिया के बीच खेले गए मुकाबले में ली जी जिया ने 13-21, 21-16, 21-11 के अंतर से जीत दर्ज की। पहले सेट में लक्ष्य सेन ने 21-13 से जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बाद ली जी जिया ने शानदार वापसी की। उन्होंने अगले दोनों सेट में लक्ष्य सेन को हराया, जहां दूसरा सेट काफी रोमांचक रहा और ली जी जिया ने 21-16 से जीत प्राप्त की। हालांकि लक्ष्य सेन दूसरे सेट में शानदार फॉर्म में थे, लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने उनकी लय को बिगाड़ दिया। दरअसल दूसरे सेट में लक्ष्य सेन चोटिल हो गए, जिसका असर उनकी लय पर पड़ा और इससे उनका प्रदर्शन भी गिर गया। इंजरी के बाद लक्ष्य सेन को अपने हाथ पर पट्टी लगानी पड़ी, और यह चोट उनके प्लेइंग हैंड पर हुई थी, जिससे वह सही से खेल नहीं पा रहे थे। उनके दाएं हाथ से खून भी बहने लगा था। इस कारण कई बार उन्होंने मैच के बीच में ब्रेक लिया। अंत में यह स्पष्ट हो गया कि वह अपनी चोट से काफी परेशान थे, और यही एक बड़ा कारण रहा कि वह अगले दोनों सेट हार गए।

ओलंपिक्स चैंपियन विक्टर से मिली तारीफ

हालांकि 22 वर्षीय लक्ष्य सेन इस बार कोई मेडल नहीं जीत सके, लेकिन उन्होंने बैडमिंटन में भारत के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। लक्ष्य ने सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी और 2020 टोक्यो ओलंपिक्स के चैंपियन विक्टर एक्सेलसन को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन अंततः 20-22, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा। डेनमार्क के खिलाड़ी ने लगातार सेटों में जीत हासिल की, लेकिन मुकाबला समाप्त होने के बाद उन्होंने लक्ष्य की जमकर तारीफ की। विक्टर ने कहा कि लक्ष्य एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और वह चार साल बाद 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने के प्रमुख दावेदार होंगे।