उत्तराखंड के राजीव गांधी नवोदय कोटाबाग आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं के चलते रविवार को अभिभावक 106 बच्चों को घर ले गए। इस कार्रवाई से स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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Image: 106 students leave Rajeev Gandhi Navodaya Vidyalaya Kotabhag
नैनीताल: उत्तराखंड में यह पहला मामला है जब अव्यवस्थाओं के कारण 106 बच्चों के अभिभावकों ने एक साथ इतना बड़ा कदम उठाया है। अभिभावक अक्सर चाहते हैं कि उनके बच्चे नवोदय विद्यालयों में पढ़ाई करें, लेकिन हाल की अव्यवस्थाओं ने उन्हें मजबूर किया कि वे अपने बच्चों को घर ले गए।
106 Children leave Rajeev Gandhi Navodaya Vidyalaya Kotabhag
वर्तमान में राजीव गांधी नवोदय कोटाबाग में 350 बच्चे रजिस्टर्ड हैं और अभिभावक इसे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान मानते हैं। जिलाधिकारी नैनीताल की देखरेख में संचालित इस आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं के आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने 106 बच्चों का स्कूल छुड़वा दिया है। उनका का कहना है कि पिछले छह वर्षों से नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे प्रधानाचार्य की जिम्मेदारियों को तीन अलग-अलग अधिकारियों द्वारा संभाला जा रहा है, जो किसी भी ठोस निर्णय को लागू करने में असमर्थ हैं।
वार्डन और सफाई कर्मियों की है कमी
इसके अलावा विद्यालय में वार्डन और सफाई कर्मियों की भी कमी है। सफाई कर्मी न होने के कारण बच्चों को खुद सफाई का काम करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त हाल ही में रात के समय महिला शिक्षकों के घर जाने के बाद वार्डन की अनुपस्थिति के कारण बच्चों को अकेले रात बितानी पड़ी जिससे बच्चों की असुरक्षा बढ़ गई है। मंगलवार को कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत और एसडीएम रेखा कोहली ने विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में छात्रों के अभिभावक भी उपस्थित थे। निरीक्षण के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय की बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को शीघ्र ठीक किया जाए। भविष्य में किसी भी अनियमितता की स्थिति में अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने दिया व्यवस्था को सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि उन्होंने और क्षेत्रीय विधायक ने मिलकर विद्यालय का निरीक्षण किया जिसमें कई खामियां सामने आईं। उन्होंने बताया कि वार्डन की तैनाती में कमी के साथ-साथ दो महिला पीआरडी की तैनाती की गई है। शिक्षकों के लिए पढ़ाई की रोटेशन प्रणाली लागू की गई है और सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि इसके बावजूद खामियां बनी रहती हैं तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।