ऋषिकेश आने वाले राफ्टिंग के शौकीनों को अभी कुछ और इंतजार करना होगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पर्यटन विभाग ने एक सितंबर से गंगा में राफ्टिंग की अनुमति फिलहाल नहीं दी है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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Image: Rafting Lovers Will Have To Wait More For River Rafting in Rishikesh
ऋषिकेश: गंगा में राफ्टिंग का संचालन 30 जून 2024 से बंद कर दिया गया था। सितंबर के शुरू होने में सिर्फ तीन दिन रह गए हैं, लेकिन पर्यटन विभाग ने अभी तक रिवर राफ्टिंग के लिए कोई तैयारी नहीं की है। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से तिथि को आएगी बढ़ा दिया गया है।
Rafting Lovers Will Have To Wait More For River Rafting in Rishikesh
ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग 1 सितंबर से 30 जून तक संचालित होती है, जबकि जुलाई और अगस्त में इसका संचालन बंद रहता है। 30 जून 2024 से राफ्टिंग का संचालन बंद हो चुका है और सितंबर की शुरुआत में केवल तीन दिन रह गए हैं। लेकिन पर्यटन विभाग ने अभी तक रिवर राफ्टिंग के लिए कोई तैयारियां नहीं की हैं, जिसका मुख्य कारण गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर है।
15 सितंबर तक शुरू हो सकती है राफ्टिंग
वर्तमान में गंगा का जलस्तर काफी ऊंचा है, लेकिन उम्मीद है कि 15 सितंबर तक राफ्टिंग का संचालन शुरू हो सकता है। यदि जलस्तर सामान्य होता है तो पर्यटन विभाग की एक टीम गंगा में जांच करेगी। यदि जलस्तर राफ्टिंग के लिए उपयुक्त पाया गया तो राफ्टिंग संचालन की अनुमति दी जाएगी। मुनि की रेती, तपोवन, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में करीब 350 राफ्टिंग कंपनियां हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को राफ्टिंग का अनुभव कराती हैं।
ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग शुल्क:-
1. कौड़ियाला से रामझूला, नीमबीच तक (35 किमी) – 2500 रुपये
कौड़ियाला से शिवपुरी (20 किमी) – 1500 रुपये
3. मरीन ड्राइव से रामझूला, नीमबीच (25 किमी) – 1500 रुपये
4. शिवपुरी से रामझूला, नीमबीच (15 किमी) – 1000 रुपये
5. मरीन ड्राइव से शिवपुरी (10 किमी) – 600 रुपये
6. ब्रह्मपुरी से रामझूला, नीमबीच (09 किमी) – 600 रुपये
7. क्लब हाउस से रामझूला, नीमबीच (09 किमी) – 600 रुपये