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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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ऋषिकेश: तीर्थ नगरी ऋषिकेश अपनी धार्मिक स्थलों और घाटों के लिए विख्यात है। यहाँ राज्य का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थित है, जिसकी ऊँचाई लगभग 11 फीट है। यह शिवलिंग न केवल देशभर से बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस शिवलिंग पर जल अर्पण के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।
ऋषिकेश में स्थित श्री सच्चा अखिलेश्वर महादेव मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहाँ कई प्राचीन मंदिर हैं जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इस मंदिर का विशेष स्थान है, क्योंकि यह भगवान शिव को समर्पित है और प्रतिदिन यहाँ महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है। मंदिर के पुजारी शुभम तिवारी के अनुसार यह पवित्र स्थल लक्ष्मण झूला के पास गंगा के किनारे स्थित है। इसकी स्थापना संत श्री सच्चा बाबा ने की थी और इसी कारण इसे सच्चा अखिलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। मंदिर की स्थापना मानव कल्याण के उद्देश्य से गंगा के तट पर की गई थी और महारुद्राभिषेक की परंपरा भी संत सच्चा बाबा द्वारा शुरू की गई थी। तब से लेकर आज तक हर रोज यहाँ इस विशेष पूजा का आयोजन होता है।