उत्तराखंड के मंदिरों में भी होगी भोग-प्रसाद की जांच, पर्यटन मंत्री के शुद्धता परखने के निर्देश

हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट को लेकर बहुत बड़ा विवाद हुआ था। जिसके बाद अब उत्तराखंड के मंदिरों में भी प्रसाद की जांच की जाएगी।
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temple Prasad purity: Prasad of the temples in Uttarakhand will be checked for purity
Image: Prasad of the temples in Uttarakhand will be checked for purity

देहरादून: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट के वाकये के बाद से देश भर के प्रसिद्ध मंदिरों में बनने वाले प्रसाद की नियमित प्रयोगशाला जांच शुरू करने के निर्देश हैं। तो ऐसी स्थिति मंदिरों के लिए प्रसिद्ध देवभूमि उत्तराखंड भी कहां पीछे रहने वाला था। उत्तराखंड में भी प्रसिद्ध मंदिरों में बनने वाले प्रसाद की शुद्धता की जांच की जाएगी।

Prasad of the temples in Uttarakhand will be checked for purity

उत्तराखंड के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को एक बैठक में कहा कि राज्य के चारों धामों सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में बनने वाला प्रसाद की शुद्धता भक्तों के स्वास्थ्य सुरक्षा के उच्च मानकों को पूरा करता है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। सतपाल महाराज ने जोर देकर कहा यदि किसी भी मदिर के प्रसाद में मिलावट पाई जाती है प्रशासन इसे नजरअंदाज नहीं करेगा। प्रसाद में मिलावट का दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंदिरों में भक्तों को मिलने वाले प्रसाद में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां के मंदिरों में हर साल देश- विदेश से हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। भक्तों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मंदिरों में बनने वाले प्रसाद की गुणवत्ता जाँच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के निर्देश जारी करने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के प्रमुख अजेंद्र अजय इस मामले की गहनता को देखते हुए में प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक की। BKTC प्रमुख अजेंद्र अजय ने भी इस बात पर जोर दिया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी के दायरे में आने वाले सभी मंदिरों में भोग-प्रसाद प्रणाली की शुद्धता और गरिमा को बनाए रखना प्राथमिकता होगी। उन्होंने ये भी कहा कि हम लोग मंदिरों में भोग- प्रसाद बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखेंगे।"