Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
ऋषिकेश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड की बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। धामी सरकार महिलाओं को रोजगार देने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू कर रही है।
सीएम धामी ने उत्तराखंड पर्यटन विभाग को राज्य की बेटियों को राफ्टिंग गाइड का प्रशिक्षण देने का आदेश दिया। राज्य पर्यटन विभाग ने पहली बार 14 महिलाओं को व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग गाइड का प्रशिक्षण दिया।
इस तरह राफ्टिंग गतिविधि कारोबार के साथ ही रोजगार का भी जरिया बन रही है। लेकिन अब तक राफ्टिंग गाइड का काम ज्यादातर पुरुष ही कर रहे थे। महिलाओं को राफ्टिंग गाइड का प्रशिक्षण अप्रैल से जून के बीच तीन महीने में दीया गया। जो कि पूरी तरह से निशुल्क प्रशिक्षण था। साथ ही रहने खाने का खर्च भी पर्यटन विभाग की ओर से उठाया गया। ऋषिकेश में राफ्टिंग परिक्षण ले चुकी लड़कियों ने CM धामी का आभार व्यक्त किया है..
1.राफ्टिंग प्रशिक्षण ले चुकी कामाक्षी गोयल ने बताया कि वो पहले से ही वाइट वॉटर फील्ड में जॉब कर रही थी। वर्तमान में गोवा की नॉटिकल कंपनी में काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उसने अपनी स्किल बढ़ाने के लिए राफ्टिंग प्रशिक्षण लिया। इसके लिए उन्होंने धामी सरकार का आभार व्यक्त और कहा कि सरकार की और से 3 महीने का प्रशिक्षण के साथ ही रहने खाने की सुविधा निशुल्क मिली। कामाक्षी ने इसको महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा प्रयास बताया है।
2.पौड़ी गढ़वाल के सिरांसू गांव की प्रियंका राणा ने भी ये ट्रेनिंग ली है। उन्होंने धामी सरकार का आभार व्यक्त किया है, उन्होंने बताया कि CM धामी की देन अब वे बतौर राफ्टिंग गाइड में अपना करियर बनाना चाहती हैं। प्रियंका वर्तमान में BBA कर रही हैं, प्रियंका क्याकिंग एथलीट हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के पास बड़ी संख्या में राफ्टिंग होती है, ऐसे में जब उन्हें धामी सरकार के अधीन महिलाओं को राफ्टिंग गार्डड का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसमें अपना पंजीकरण कर लिया।
3.महिलाओं के राफ्टिंग प्रशिक्षण के पहले बैच में ट्रेनिंग ले चुकी मुस्कान ने भी उत्तराखंड सरकार की इस योजना की सराहना की है और धन्यवाद भी व्यक्त किया है। उन्होंने बताया की तीन महीने तक उन्हें विदेशी प्रशिक्षकों ने रिवर राफ्टिंग की ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान एक हफ्ते तक उन्होंने देवप्रयाग से ऋषिकेश तक राफ्टिंग भी की। महिलाओं के द्वारा संचालित यह अभियान लाजवाब था। मुस्कान ऋषिकेश की ही निवासी हैं। वर्तमान में ऋषिकेश से ग्रैज्यूएशन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे अब इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।