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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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देहरादून: इस दो सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद युवाओं को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। आइटीबीपी ने इस संबंध में अपना प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है। सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेने वाली है।
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। मसूरी, ऋषिकेश, देवप्रयाग और मुक्तेश्वर जैसे कई पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर साहसिक खेलों से संबंधित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस वृद्धि के साथ प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इस संदर्भ में शासन ने इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) से संपर्क किया है, जिसके बाद ITBP ने शासन को अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
प्रस्ताव के अनुसार ITBP जल क्रीड़ा के क्षेत्र में 240 व्यक्तियों का एक समूह बनाकर प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है, जिसमें 183 युवक और 57 युवतियाँ शामिल होंगी। यह प्रशिक्षण दो सप्ताह तक चलेगा और इस दौरान युवाओं को नदी की जानकारी, राफ्टिंग तकनीक और प्राथमिक चिकित्सा की शिक्षा दी जाएगी। ITBP के अनुभवी प्रशिक्षक इस कार्यक्रम को संचालित करेंगे और प्रशिक्षण समाप्त होने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं के रहने और खाने के लिए अनुमानित व्यय का भी विवरण शासन को भेजा गया है और अब शासन इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में है।