उत्तराखंड: कड़ी ट्रेनिंग के बाद ITBP में शामिल हुए 36 युवा अधिकारी, मसूरी में ली देश रक्षा की शपथ

मसूरी में आयोजित भव्य दीक्षांत और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 36 युवा अधिकारियों ने संविधान और बल के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण की शपथ ली।
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36 officers joined ITBP: 36 young officers joined ITBP
Image: 36 young officers joined ITBP

देहरादून: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) को आज 36 नए युवा अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। ये अधिकारी परेड में अंतिम कदम रखते ही आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। इसमें 27 सहायक सेनानी/जीडी और छह महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद एक उप सेनानी/वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी तथा आठ सहायक सेनानी/चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं, जिनमें चार महिला चिकित्सा अधिकारी भी हैं।

36 young officers joined ITBP after rigorous training

सोमवार यानि आज मसूरी में आयोजित भव्य दीक्षांत और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 36 युवा अधिकारियों ने संविधान और बल के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण की शपथ ली। ITBP के अपर महानिदेशक, वैस्टर्न कमांड, संजय कुमार चौधरी इस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ये युवा एक वर्ष के कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ITBP में अधिकारी बने हैं।

अलग-अलग राज्यों के युवा हैं शामिल

प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों को विभिन्न ऑपरेशनल और प्रशासनिक विषयों पर गहन ज्ञान प्रदान किया गया, जिसमें युद्ध कौशल, शस्त्र संचालन, शारीरिक प्रशिक्षण, आसूचना, फील्ड इंजीनियरिंग, मानचित्र अध्ययन, कानून और मानवाधिकार से संबंधित विषय शामिल हैं। इन 36 युवा अधिकारियों में हरियाणा से सात, उत्तर प्रदेश से छह, केरल से चार, और राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा दिल्ली से तीन-तीन युवा अधिकारी हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और मणिपुर से दो-दो, जबकि महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक और लद्दाख से एक-एक प्रशिक्षणार्थी भी शामिल हैं।

करना पड़ता है भौगोलिक चुनौतियों का सामना

आईटीबीपी के अपर महानिदेशक, वैस्टर्न कमांड संजय कुमार चौधरी ने इन युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि ITBP की अग्रिम चौकियां 9000 से 18750 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां तापमान माइनस 45 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इन चौकियों में तैनात अधिकारियों को अत्यधिक चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो असाधारण धैर्य, त्याग और साहस की आवश्यकता होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नए युवा अधिकारी अपने साहस के साथ इन चुनौतियों का सामना करेंगे।