उत्तराखंड: सेना बनाएगी ग्वालदम-देवाल-बाण सड़क, चीन बॉर्डर की दूरी होगी कम.. BRO को जिम्मा

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने "शिवालिक परियोजना" के तहत ग्वालदम से तपोवन तक की आर्मी सड़क के निर्माण की स्वीकृति दे दी है।
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Gwaldam Dewal Baan Road: BRO to built Gwaldam-Dewal-Baan road
Image: BRO to built Gwaldam-Dewal-Baan road

चमोली: भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने ग्वालदम से नंदकेशरी-देवल-वन-कनोल-रामणी-झिंझी-ईरानी-दुर्मा होते हुए तपोवन तक की आर्मी सड़क को मंजूरी दे दी है। इस सड़क के निर्माण को स्वीकृति मिलने के बाद देवाल और नंदनगर क्षेत्र में खुशहाली बढ़ गई है।

BRO to built Gwaldam-Dewal-Baan road

थराली विधानसभा क्षेत्र की जनता लम्बे समय से ग्वालदम से तपोवन तक की आर्मी सड़क के निर्माण के लिए सरकार की अनुमती की इंतजार कर रही थी। आखिरकार थराली की जनता का यह इन्तजार खत्म हुआ। बीते दिनों में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने "शिवालिक परियोजना" के तहत ग्वालदम से तपोवन तक की 99.2 किलोमीटर लंबी आर्मी सड़क के निर्माण की स्वीकृति दी है।

रक्षा मंत्रालय ने BRO को दी जिम्मेदारी

रक्षामंत्रालय ने इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी Border Road Organisation (BRO) को दी है। इस सड़क का निर्माण होने के बाद धारचूला से जोशीमठ चायना बॉर्डर की दूरी करीब 65 किमी तक घट जाएगी। जिससे सेना को ग्वालदम से तपोवन तक आने-जाने में करीब तीन से चार घंटे घंटे का समय कम लगेगा। इस सड़क के निर्माण के बाद ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर कर्णप्रयाग से तपोवन तक जगह-जगह लगने वाले जाम से भी रहत मिलेगी।

विधायक ने सड़क निर्माण पर जताया आभार

थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा ने ग्वालदम से तपोवन तक आर्मी सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिलने पर पर अपनी खुशी व्यक्त की है। उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क निर्माण की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आर्मी सड़क के निर्माण के बाद थराली विधानसभा के एक बड़े हिस्से को भारी लाभ मिलेगा। इससे सेना के साथ ही स्थानीय लोगों को निश्चित ही भारी लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।