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देहरादून: एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर अपने बेटे के आधार कार्ड में नाम बदलवाने के झांसे में फंस गईं और साइबर ठगों का शिकार बन गईं। ठगों ने उनसे 4.78 लाख रुपये हड़प लिए।
उत्तराखंड में एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां पीड़ित महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से लाखों रुपये की ठगी की गई। इस घटना के बाद पुलिस ने महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रेमनगर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी के अनुसार झाझरा स्थित एक संस्थान की बायोकेमिस्ट्री विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर चारु अस्थाना साइबर ठगी का शिकार हुई हैं। उन्होंने अपने 14 वर्षीय बेटे का आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था और उनके बेटे का नामांकन रास बिहारी बोस सुभारती यूनिवर्सिटी कैंपस में हुआ था तथा आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र में नाम अलग-अलग थे।
महिला प्रोफेसर ने जन्म प्रमाण पत्र में नाम सुधारने के लिए व्हाट्सऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जिसमें पहले उनसे 17 रुपये और फिर 1 रुपये की पेमेंट ली गई। इसके बाद उनके बैंक खाते से 4.78 लाख रुपये साइबर ठगों द्वारा धोखे से निकाल लिए गए। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।