Delhi-Dehradun Expressway का लम्बे समय इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद देहरादून से दिल्ली का सफर ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: 20 to 30k vehicles on Delhi-Dehradun Expressway from December
देहरादून: एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर वाले देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर दिसम्बर 2024 तक वाहनों की आवाजाही शुरू जाएगी। लगभग 13,000 करोड़ की लागत से तैयार हुआ देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य के अंतिम चरण में बनी 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का कार्य पूरा हो गया है।
20 to 30k vehicles on Delhi-Dehradun Expressway from December
एलिवेटेड रोड पर स्लैब डालने के बाद सड़क पर पेंटिंग से संबंधी सारे काम पूरे हो चुके हैं। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी 236 किमी से घटकर 213 किमी हो जाएगी। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद देहरादून से दिल्ली का सफर ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा।
20,000 से 30,000 वाहन रोजाना
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की संख्या रोजाना 20,000 से 30,000 तक हो जाएगी। NHAI इस एलिवेटेड रोड को चौक चौबंद बनाने में जुटा हुआ है। NHAI के अधिकारियों के अनुसार देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर अंतिम चरण के कुछ काम पूरा होने हैं। इनके पूरे होते ही राजमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए दिसंबर 2024 में खोल दिया जायेगा। इन दिनों हाईवे पर साइनेज के साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत कैमरे और इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है। ये कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा।
ढाई घंटे का रोमांचक सफ़र
दिसंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद इस हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही देहरादून से दिल्ली का 6 घंटे सफर ढाई घंटे हो तय हो जाएगा। यात्रियों के समय की बचत तो होगी साथ ही प्रकृति का नजारा भी देखने को मिलेगा। दिल्ली से देहरादून की ओर आते हुए सड़क के एलिवेटेड हिस्से से उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देंगी। इस सड़क का लगभग 12 किलोमीटर हिस्सा जंगल से होकर गुजरेगा,और यात्रियों को देवभूमि पहुँचने से पहले सुंदर दृश्यों का आनंद लेने का मौका मिलेगा।