उत्तराखंड: फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पर छुट्टी लेना पड़ा महंगा, निलंबित हो गई शिक्षिका

हरिद्वार में RIT के अंतर्गत मिली जानकारी तब हुआ खुलासा, फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट्स पर ले रही थी शिक्षिका छुट्टी.. जांच हुई तो हो गई निलंबित
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Fake medical certificates: Teacher suspended using Fake medical certificates
Image: Teacher suspended using Fake medical certificates

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में एक शिक्षिका को फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर स्कूल से छुट्टी लेना महंगा पड़ गया। जांच हुई, तो मेडिकल प्रमाणपत्र फर्जी होने की बात सामने आने पर शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया।

Teacher suspended using Fake medical certificates

फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर छुट्टी पर गए एक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) आशुतोष भंडारी ने मामले की जांच बहादराबाद के उप शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार को सौंपी थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर प्रारंभिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका को निलंबित करने का आदेश दे दिए। मामले की अंतिम जांच उप शिक्षाधिकारी भगवानपुर द्वारा की जायेगी।

जांच में सामने आई सच्चाई

जांच में पता चला कि बहादराबाद के धोबीघाट स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षिका सुनीता रानी तैनात हैं। इससे पहले बीएचईएल वार्ड नंबर 2 के तंतवाड़ा के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में सुनीता तैनात थीं। 04 नवंबर 2023 से 30 नवंबर 2023 तक शिक्षिका ने छुट्टी ली थी और बदले में दो मेडिकल सर्टिफिकेट जमा किये थे। जांच में बताया गया कि शिक्षिका ने जो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किये वो फर्जी थे। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी ने बहादराबाद उप शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी थी, जिसके बाद ये वाकया सामने आया।

फर्जी थे प्रस्तुत किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट

अपने स्पष्टीकरण में शिक्षिका ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिद्वार का जो सर्टिफिकेट लगाया था, उस पर ना तो कोई तारीख थी ना ही कोई लैटर नंबर। बहादराबाद सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुज सिसौदिया ने भी मेडिकल सर्टिफिकेट्स को फर्जी बताया। RTI के तहत मांगी गई सूचना में मेडिकल सर्टिफिकेट्स के रजिस्ट्रेशन नंबर पर सुनीता रानी का पंजीकरण नहीं मिला, बल्कि इन पर कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं हुआ था। इसके बाद हुए स्पष्टीकरण में भी सुनीता रानी संतोषजनक जवाब और तथ्य प्रस्तुत नहीं कर सकी जिसपर उप शिक्षा अधिकारी बहादराबाद की जांच रिपोर्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी ने तत्काल प्रभाव से सपना रानी को निलंबित कर दिया। इसके बाद शिक्षिका को उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय बहादराबाद में संबद्ध कर दिया गया है।