उत्तराखंड: CM के कार्यक्रम में शांतिभंग की आशंका, 9 घंटे नजरबंद रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता

मुख्यमंत्री धामी के कार्यक्रम में शांतिभंग की आशंका के चलते हुई कार्रवाई, नौ घंटे नजरबंद रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता। देहरादून में क्रिकेट फाइनल के दौरान किया था पत्रकारों पर हमला।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
CM program in Lohaghat: Amid CM program Congress workers house arrested for 9 hours
Image: Amid CM program Congress workers house arrested for 9 hours

चम्पावत: शुक्रवार को लोहाघाट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम में शांतिभंग की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने युवा कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन चौबे, विधानसभा अध्यक्ष चिराग फर्त्याल व लोकेश पांडे को यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष चिराग फर्त्याल के घर पर नजर बंद कर दिया।

Amid CM program Congress workers house arrested for 9 hours

लोहाघाट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम में शांतिभंग की आशंका थी, सुबह से ही पुलिस ने तीनों यूथ कांग्रेस नेताओं को घर से बाहर तक नहीं निकलने दिया। तीनों यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे।
इससे पहले, देहरादून में कल, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों के साथ बदतमीजी और अराजकता का व्यवहार कर दिया था। बड़ी बात ये कि यूथ कांग्रेस के अराजक कार्यकर्ता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण महारा के सामने भी हंगामा करते रहे और प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता भी विडियो में देखे गए थे
इसके बाद आज, शुक्रवार को लोहाघाट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यक्रम में शांतिभंग की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने युवा कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन चौबे, विधानसभा अध्यक्ष चिराग फर्त्याल व लोकेश पांडे को यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष चिराग फर्त्याल के घर पर नजर बंद कर दिया।

  • कांग्रेस नेताओं ने किया हंगामा रोकने का विरोध

    Congress workers house arrested for 9 hours
    Pic: 1/ 1
    Image: Congress workers house arrested for 9 hours

    युवा कांग्रेस के नेताओं भुवन चौबे और लोकेश पांडे ने कहा कि यह उनका मौलिक अधिकार है, लेकिन सरकार के इशारे पर चंपावत प्रशासन ने उनके घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी। उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं दिया गया। सरकार दमनकारी नीति पर चल रही है। लोगों को उनकी बातें रखने तक का अधिकार नहीं है। चिराग फर्त्याल ने कहा कि जब भी चंपावत जिले में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होता है, प्रशासन उन्हें पकड़कर बंद कर देता है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया।