उत्तराखंड: कंपनी में इन्वेस्ट करने के नाम पर तीस लाख की ठगी, छोटे मुनाफे के बाद लगा दी बड़ी चपत

आरोपी ने पीड़ित को आइपीओ में निवेश करने के लिए कहा, पीड़ित ने मुनाफे के लालच में उधार और लोन ले लिया। पीड़ित ने आईपीओ में 30 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन वे प्रॉफिट और निवेश की गई धनराशि नहीं निकाल पाए।
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Cyber Crime in Haridwar: Fraud of Rs 30 lakh in the name of investing in a company
Image: Fraud of Rs 30 lakh in the name of investing in a company

हरिद्वार: लक्सर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगों ने कंपनी में निवेश का लालच देकर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Fraud of Rs 30 lakh in the name of investing in a company

पीड़ित व्यक्ति नितिन कुमार ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वो लक्सर हरिद्वार, मोहल्ला शिवपुरी का निवासी है और निजी कंपनी में काम करता है। पीड़ित ने बताया कि बीते तीन अक्टूबर 2024 को उनके फ़ोन पर एक युवती का मैसेज आया था। उसने मेसेज में अपना नाम मीरा दत्त बताया था. मीरा दत ने नितिन कुमार को बताया कि वो फ्रेंकिन टेंपलटन असेस्ट मैनेजमेंट इंडिया (FTAM) में असिस्टेंट के तौर पर काम करती है.

कंपनी को सेबी के साथ रजिस्टर्ड बताया

उसने बताया कि उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप है जो ट्रेडिंग में मदद करता है, इसके बाद उसने नितिन को भी उस व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर दिया। इसके बाद युवती ने नितिन को एक एफटीएएम नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। जब नितिन ने उस एप्लिकेशन पर संदेह जताया तो युवती ने कहा कि एफटीएएम एक प्राइवेट कंपनी है जो सेबी के साथ रजिस्टर्ड है और उसने सेबी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी प्रदान किया।

मुनाफे के लाभ में 30 लाख किए जमा

पीड़ित ने बताया कि उसे निवेश करने के लिए बंधन बैंक का खाता नंबर दिया गया। जिसके बाद पीड़ित नितिन ने 10 अक्टूबर 2024 को 5000 रुपये से निवेश की शुरुआत की। पहले 5000 निवेश करने पर उन्हें 500 रुपये का फायदा हुआ तो ऐसे में वो आरोपियों के झांसे में आ गए। आरोपी युवती ने नितिन को कुछ समय के बाद आइपीओ में निवेश करने के लिए कहा, नितिन ने भी मुनाफा कमाने के लालच में इधर-उधर से उधार और लोन भी ले लिया। उसके बाद पीड़ित नितिन ने 29 नवंबर तक आईपीओ में 30 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन वे प्रॉफिट की धनराशि और निवेश की गई धनराशि नहीं निकाल पाए। जब पीड़ित ने इस बारे में आरोपी युवती के पूछा तो उन्होंने इसके लिए और पैसे लगाने के लिए कहा।

आरोपियों की तलाश जारी

इसके बाद पीड़ित नितिन ने इस बारे में अपने दोस्त को बताया तो उसके दोस्त ने और पैसे लगाने के लिए मना किया। दोस्त ने इस मामले को धोखादड़ी बताया. इसके बाद वो मामले में शिकायत दर्ज करने के लिए आया. साइबर थाने के सीओ अंकुश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित नितिन द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मु़कदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर पुलिस टीम मामले की जांच में जुट गई है।