उत्तराखंड: केदारनाथ धाम यात्रा पर सेकी जा रहीं राजनीतिक रोटियां, बीजेपी कार्यकर्ताओं के बड़े आरोप

केदारघाटी में यात्रा को लेकर अधूरे काम पूरे किए जा रहे हैं, लोगों को उम्मीद है कि केदारनाथ यात्रा में मुश्किल साबित हो रहे गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर स्थित कुंड पुल जैसे अधूरे काम समय से पूरे होंगे।
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Kedarnath Dham Yatra 2025 : Kedarnath Dham Yatra 2025 should be Politics-Free
Image: Kedarnath Dham Yatra 2025 should be Politics-Free

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा 2 महीने में शुरू होने वाली है। इसे लेकर मुख्यमंत्री धामी विशेष रूप से उत्साहित नजर आ रहे हैं। पिछले साल चार धाम यात्रा में अव्यवस्थाओं के कारण हुई किरकिरी के बाद इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चार धाम यात्रा पर विशेष ध्यान है। यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रशासन से भी मुस्तैद रहने को कहा है।

Kedarnath Dham Yatra 2025 should be Politics-Free

केदारघाटी में यात्रा को लेकर अधूरे काम पूरे किए जा रहे हैं, लोगों को उम्मीद है कि केदारनाथ यात्रा में मुश्किल साबित हो रहे गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर स्थित कुंड पुल जैसे अधूरे काम समय से पूरे होंगे। इस बीच चार धाम यात्रा को लेकर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के समर्थकों ने विपक्षी नेताओं पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया है। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेताया है कि यदि यात्रा के अधूरे काम पूरे होने में अड़चनें डाली गई तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।

बंद हो विरोध की राजनीति: सुभाष रावत

बीजेपी के क्षेत्रीय नेता सुभाष रावत ने कहा कि ऐसे लोगों के कारण श्री केदारनाथ धाम यात्रा प्रभावित होती है, ऐसे लोगों से केदारनाथ यात्रा पर आश्रित लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपने काम समय पर करने को प्रतिबद्ध है और यदि विरोध की राजनीति न की जाए तो यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी काम पटरी पर आ जाएंगे।

काम आएगा केदारनाथ विधायक का तजुर्बा

केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल इससे पहले भी अपने दो कार्यकाल में केदारनाथ यात्रा को सुचारू रूप से चला चुकी हैं। केदारनाथ विधायक का यात्रा को चलाने में पिछला तजुर्बा इस बार केदारनाथ यात्रा को ढर्रे पर वापस ला सकता है। इसे लेकर केदार घाटी के क्षेत्रीय व्यापारियों की भी विधायक से उम्मीद है काफी बढ़ गई है।

अलग-अलग जगह बेरिकेडिंग लगाने की मांग

क्षेत्रीय व्यापारियों की भीड़ को एक जगह इकट्ठा न कर अलग-अलग जगह बैरिकेडिंग लगाने की मांग है, पिछली बार केदारनाथ यात्रा में भीड़ को संभालने में हुई गड़बड़ी को देखते हुए, जो की बिल्कुल जायज भी लगती है। चार धाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने गंभीरता दिखाई है, यात्रा शुरू होने से पहले CM धामी की अगुवाई में यात्रा को सुलभ बनाने के लिए अधूरे काम कब तक पूरे होते हैं, और इस बार भीड़ को किस तरह संभाला जाता है.. देखना दिलचस्प होगा।