ऊधमसिंहनगर पुलिस ने हत्या का मात्र 12 घंटे में किया खुलासा, विपिन पुत्र रामबाबू, विशाल उर्फ वियेश पुत्र शिव दयाल तथा सूरज पुत्र शंकर लाल निवासी तीनों ग्राम सतुईया थाना पुलभट्टा जिला ऊधमसिंहनगर को पूछताछ कर गिरफ्तार कर दिया गया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Three criminals killed fourth for money
उधमसिंह नगर: पुलभट्टा क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर इस जघन्य हत्या का खुलासा कर दिया और हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले का पूरा खुलासा एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मीडिया के सामने किया।
Three criminals killed fourth for money
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गुड्डी निवासी ग्राम सतुईया थाना पुलभट्टा जिला ऊधमसिंहनगर ने थाना आकर तहरीर दी कि उसका पति बंटी 9 फरवरी को शाम लगभग 08.00 बजे से गुम है। काफी तलाश करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
12 घंटे में ही पर्दाफाश
कहते हैं, कानून के हाथ बड़े लम्बे होते हैं, जांच शुरू होने के 12 घंटे में ही गठित पुलिस टीम ने विपिन पुत्र रामबाबू, विशाल उर्फ वियेश पुत्र शिव दयाल तथा सूरज पुत्र शंकर लाल निवासी तीनों ग्राम सतुईया थाना पुलभट्टा जिला ऊधमसिंहनगर को पूछताछ कर गिरफ्तार किया। तीनों की निशानदेही पर बंटी का शव घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल पाटल व मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे और बंटी अच्छे दोस्त थे और नशा करने के आदी थे। चारों मिलकर अक्सर छोटी-मोटी चोरियां करते थे और उन पैसों से नशा करते रहते थे।
खुद सुनाई कालगुजारी
हत्यारों ने बताया कि, कुछ दिन पहले भी हम लोगों ने एक चलती गाडी से चावल का कट्टा चोरी किया, किंतु बंटी ने उसे बेचकर सारे रुपये खुद रख लिए। जब हम लोगों ने बंटी से पैसे मांगे तो उसने दादागिरी दिखाते हुए पैसे देने से मना कर दिया। बंटी अक्सर ऐसे ही करता था जिससे हम तीनों लोग काफी परेशान हो गये थे। तब हम लोगों ने बंटी को ठिकाने लगाने का प्लान के तहत 9 फरवरी को शाम लगभग 8 बजे बंटी को नशा करने को कहकर इंद्रजीत के फार्म के पीछे सूनसान खंडहर वाले कमरे में ले गए जहां हम चारों ने नशा किया।
पैसों के लिए बने हत्यारे
जब हमने अपने पैसे बंटी से मांगे तो पहले की तरह ही पैसे देने से मना कर दिया और हम तीनों के साथ गाली-गलौच करने लगा। हम तीनों ने प्लान के तहत पाटल से ताबड़तोड़ बंटी के शरीर पर कई प्रहार किए, जिससे कुछ देर में बंटी की मृत्यु हो गयी। उसका मोबाइल औश्र पाटल झाड़ियों में छिपा दी और बंटी के शव को वहीं पर छोडकर वहां से निकल गए।