हिमस्खलन में 5 लापता श्रमिकों की तलाश करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक SDRF रिधिम अग्रवाल के निर्देशानुसार टीम विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेज कैमरा के साथ हेलीकॉप्टर से सुबह ही रवाना हो गई है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rescue of 5 workers continues in Chamoli avalanche
चमोली: शुक्रवार को चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन के बाद आज तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी है। हिमस्खलन में अभी भी 5 श्रमिक फंसे हुए हैं। बचाव टीम ने दो दिन में 50 श्रमिकों को रेस्क्यू किया लेकिन उनमें से 4 की मृत्यु हो गई।
Rescue of 5 workers continues in Chamoli avalanche
आज चमोली में आज मौसम साफ होने के कारण रेस्क्यू अभियान सुबह से ही शुरू हो गया है। सेना के सात और एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में लग गया है। हिमस्खलन में 5 लापता श्रमिकों की तलाश करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक SDRF रिधिम अग्रवाल के निर्देशानुसार टीम विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेज कैमरा के साथ हेलीकॉप्टर से सुबह ही रवाना हो गई है।
ज्योतिर्मठ में कंट्रोल रूम स्थापित
उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने जानकारी दी है कि तहसील कार्यालय ज्योतिर्मठ में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। ये कंट्रोल रूम माणा कैंप में हुए हिमस्खलन के कारण प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थापित लिया गया है। इस घटना के बारे में जानकारी प्राप्त करने के इन फोन नंबर 7302712491 या 8171748602 पर संपर्क कर सकते हैं।
माणा और ज्योतिर्मठ सेना अस्पताल में चल रहा इलाज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार बचाव कार्य टीम से जानकारी ले रहे हैं, मजदूरों का हाल चाल जान रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि घायल श्रमिकों के उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, एम्स ऋषिकेश, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और स्थानीय सीएचसी तथा पीएचसी को सतर्क रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अत्यधिक बर्फबारी के चलते हिमस्खलन की आशंका को देखते स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे अगले तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में यात्रा न करें।