ट्रैक बिछाने के लिए पिछले वर्ष चार जुलाई को टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल द्वारा लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाएगा।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rishikesh-Karnprayag railway line laying track Survey
ऋषिकेश: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत ट्रैक बिछाने का सर्वे आरंभ हो चुका है। भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल ने 2027 तक ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस 125 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के निर्माण में लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया जा रहा है।
Rishikesh-Karnprayag railway line laying track Survey
इस रेलवे परियोजना में 16 प्रमुख और सहायक सुरंगें हैं, जिनकी लंबाई कुल 213 किमी है। इनमें से 193 किमी सुरंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें मुख्य सुरंगों की कुल 125 किमी लंबाई में से 93 किमी की सुरंग पूरी हो चुकी है। इन 16 सुरंगों में कुल 46 ब्रेकथ्रू होने हैं, जिनमें से 35 ब्रेकथ्रू हो चुके हैं। वहीं 2026 के अंत तक अन्य ब्रेकथ्रू पूरा करने और सुरंगों की पूरी खोदाई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ट्रैक बिछाने के लिए पिछले वर्ष चार जुलाई को टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल द्वारा लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाएगा।
19 पुलों का निर्माण
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि लगभग 83 किमी लंबी सुरंगों में अंतिम लाइनिंग (सुरंगों की छत आदि का निर्माण) का कार्य पूरा हो चुका है। जिन सुरंगों में अंतिम लाइनिंग पूरी हो चुकी है, वहां ट्रैक बिछाने के लिए सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस रेलवे लाइन की कुल लंबाई 125 किमी है, जिसमें से 105 मीटर हिस्सा सुरंगों के माध्यम से जाएगा। इसलिए सुरंगों के अंदर बेलासलेस (बिना गिट्टी वाला ट्रैक) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में कुल 19 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से चंद्रभागा, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी, कोड़ियाला, पौड़ी नाला, लक्ष्मोली और श्रीनगर पुल पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं। बाकी 11 पुलों का निर्माण भी 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, सभी पुलों को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करना है।
नौ स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर
परियोजना के अंतर्गत कुल 13 रेलवे स्टेशनों में से वीरभद्र और योगनगरी स्टेशन 2020 में तैयार हो चुके हैं। शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों के लिए अभी निविदा प्रक्रिया पूरी की गई है, इनका निर्माण 61 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। बाकी के नौ स्टेशनों के निर्माण के लिए तीन और टेंडर जारी किए जाएंगे। एक निविदा देवप्रयाग, जनासू, मलेथा और श्रीनगर स्टेशन के लिए जारी की जाएगी, जबकि दूसरी निविदा धारीदेवी, घोलतीर, तिलड़ी और गौचर स्टेशन के लिए होगी। तीसरी निविदा परियोजना के सबसे बड़े स्टेशन कर्णप्रयाग स्टेशन के लिए जारी होगी। इन सभी रेलवे स्टेशनों के निर्माण के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है।