NHAI ने एक्सप्रेसवे का ज्यादातर काम पूरा कर लिया है। केवल 1600 वर्ग मीटर का एक प्लाट बाकी है। यह मामला करीब 17 वर्षों से न्यायालय में चल रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Construction work of Delhi-Dehradun Expressway stalled
देहरादून: एक ओर जहां लोग दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इसका निर्माण कार्य ठप पड़ गया है। इस एक्सप्रेसवे के बीच में एक किसान का घर और भूमि आ रही है। लेकिन किसान ने अपनी संपत्ति देने से इनकार कर दिया है। यह मामला करीब 17 वर्षों से न्यायालय में चल रहा है। NHAI ने एक्सप्रेसवे का ज्यादातर काम पूरा कर लिया है। केवल 1600 वर्ग मीटर का एक प्लाट बाकी है।
Construction work of Delhi-Dehradun Expressway stalled
दरअसल, दिल्ली-यूपी सीमा पर स्थित गाजियाबाद के मंडोला गांव में स्थित एक मकान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कार्य में बाधा बन रहा है । यहां NHAI के अधिकारियों ने बताया कि यह मकान मंडोला के निवासी वीरसेन का है। हाउसिंग बोर्ड ने 1998 में मंडोला आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया था। यह प्लाट उसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत जब हाउसिंग बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की, तो वीरसेन ने मुआवजे की राशि को कम बताते हुए अपनी जमीन देने से इंकार किया। फिर यह मामला अदालत में पहुंच गया, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद, हाउसिंग बोर्ड ने 2008 तक भूमि पर कब्जा करने का प्रयास जारी रखा।
हाउसिंग बोर्ड और NHAI ने की थी जमीन की माप
इसी दौरान, NHAI द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए भूमि की तलाश कर रहा था। हाउसिंग बोर्ड ने अपनी समस्या एनएचएआई पर डालते हुए, एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि पर सीमाएं निर्धारित कर दीं। इसमें वीरसेन की जमीन और मकान भी शामिल थे। जब NHAI ने वीरसेन से इस संपत्ति को खाली कराने के लिए कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत किए। हाउसिंग बोर्ड और एनएचएआई ने कोर्ट के हस्तक्षेप से वीरसेन की जमीन की माप भी करवाई।
16 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
लेकिन उसी दौरान जमीन के मालिक वीरसेन का निधन हो गया और मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। उनकी मौत के बाद इस मुकदमे का संचालन वीरसेन के पोते लक्ष्यवीर कर रहे हैं। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को इस मामले का शीघ्रता से निस्तारण निर्देश दिया है । इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इन दिनों सोशल मीडिया पर इस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बीच बने इस मकान की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।