Uttarakhand News: व्यापारी को मुनाफे का लालच पड़ा भारी, साइबर ठगों ने ₹1.17 करोड़ ठगे

सके बाद पीड़ित ने 17 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 1.17 करोड़ रुपये का निवेश किए। निवेश करने के बाद उन्हें डैशबोर्ड पर मुनाफा तो दिखाई दिया, लेकिन धनराशि निकालने की कोशिश करने पर पीड़ित से 72 लाख रुपये जमा करने को कहा गया।
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Cyber Crime in Dehradun: Fraud of Rs 1 crore 17 lakh by luring with profit
Image: Fraud of Rs 1 crore 17 lakh by luring with profit

देहरादून: साइबर ठगों ने मसूरी के एक गारमेंट व्यापारी से निवेश के नाम पर 1.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। ठगों ने व्यापारी को कंपनी में निवेश कर 24 से 48 घंटे में राशि को दोगुना करने का लालच दिया। लेकिन पैसे निवेश करने के बाद ना ही व्यापारी को उसकी राशि वापस मिली और ना ही उस नंबर पर संपर्क हो पाया। पीड़ित ने इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

Fraud of Rs 1 crore 17 lakh by luring with profit

जानकारी के अनुसार देहरादून के जाखन निवासी मनोज कुमार अग्रवाल ने साइबर थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उसका मसूरी में गारमेंट का कारोबार है। बीते 15 मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति का वाट्सएप कॉल आया, उसने बताया कि वो सोफा बनाने वाली एक प्रतिष्ठित कंपनी एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड का वित्तीय सलाहकार व विश्लेषक है। उसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने उनको एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जिसके जरिए आरोपी और उसके अन्य साथियों ने बताया कि उन्हें शेयर बाजार और उच्च रिटर्न निवेश रणनीतियों की काफी जानकारी है।

सुरक्षित निवेश का दिया भरोसा

पीड़ित मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्रुप में मुकेश, लता, प्रिया शर्मा, भरत शाह, प्रिया शर्मा और कुछ अन्य सदस्य नियमित रूप से निवेश अपडेट साझा करते थे और उनके सवालों के जवाब भी देते थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनका निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे अच्छा मुनाफा हो रहा है। जिससे उनको को भी उन पर भरोसा हो गया। इसके बाद, ठगों ने उन्हें दो अन्य 108 सदस्यों वाले वाट्सएप ग्रुप में शामिल किया।

1.17 करोड़ रुपये किए निवेश

आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि कंपनी में निवेश करने के 24 से 48 घंटों के भीतर ही मुनाफे के साथ रिटर्न निवेशक के खाते में आ जाएगा। इसके बाद पीड़ित अग्रवाल ने 17 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 1.17 करोड़ रुपये का निवेश किए। निवेश करने के बाद उन्हें डैशबोर्ड पर मुनाफा तो दिखाई दिया, लेकिन वो धनराशि विड्रो नहीं हो पा रही थी। धनराशि निकालने की कोशिश करने पर पीड़ित से 72 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। इसके बाद व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित द्वारा दी गई गई तहरीर के आधार पर साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।