मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम में दर्शन के लिए स्लॉट प्रबंधन प्रणाली में सुधार के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। उनके निर्देशों के अनुसार, इस बार चार धाम यात्रा के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: New rule for Uttarakhand Chardham Yatra 2025
देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान अब श्रदालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। इस बार दर्शन के लिए टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। तीर्थयात्रियों को धाम में पहुंचने पर एक टोकन दिया जाएगा, जिसमें दर्शन का समय पहले से निर्धारित होगा।
New rule for Uttarakhand Chardham Yatra 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम में दर्शन के लिए स्लॉट प्रबंधन प्रणाली में सुधार के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। उनके निर्देशों के अनुसार, इस बार चार धाम यात्रा के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने पिछले वर्ष चारधाम में भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन को सुगम बनाने के लिए टोकन प्रणाली की शुरुआत की थी। लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण यह व्यवस्था सफल नहीं हो सकी। लेकिन इस बार चारों धामों में भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
दर्शन करने का समय होगा निर्धारित
पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने जानकारी दी है कि इस बार चारयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए एक टोकन दिया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिले सकेगी और वे आसानी से दर्शन भी कर पाएंगे। श्रद्धालुओं को टोकन पर उनके दर्शन करने का समय में भी समय निर्धारित रहेगा। उन्होंने बताया कि चारधाम के मंदिरों में अचानक भीड़ बहुत बढ़ जाती है। टोकन प्रणाली लागू करने से केवल वही लोग धाम की ओर जा सकेंगे जिन्हें टोकन मिलेगा। तीर्थयात्रियों को यात्रा पंजीकरण के आधार पर धामों में पहुंचने के बाद टोकन मिल पाएगा।
17 लाख से अधिक ऑनलाइन पंजीकरण
आगामी 30 अप्रैल शुरू होने वाली चारधाम यात्रा 2025 के लिए अब तक 17 लाख से अधिक श्रदालु ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं। केदारनाथ धाम के लिए अब तक 5.73 लाख रजिस्ट्रेशन, बदरीनाथ धाम के लिए 5.04 लाख रजिस्ट्रेशन, गंगोत्री के लिए 3.01 लाख रजिस्ट्रेशन, यमुनोत्री के लिए 2.78 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इस बार तय किया गया है कि चारधाम यात्रा के लिए 60 प्रतिशत ऑनलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन पंजीकरण होंगे। ऑफलाइन की व्यवस्था यात्रा शुरू होने के बाद की जाएगी।