उत्तराखंड: जान जोखिम में डाल कर गोमुख पहुंच रहे पर्यटक, रस्सियों की मदद से पार कर रहे नदी

गोमुख ट्रैक पर स्थित भोजवासा में ट्रॉली का संचालन अभी तक सुचारू नहीं हो पाया है। इसके अलावा, नदी पर कोई अस्थायी पुलिया भी नहीं बनाई गई है.....
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Gomukh Trek: Tourists reaching Gomukh risking their lives
Image: Tourists reaching Gomukh risking their lives

उत्तरकाशी: जनपद उत्तरकाशी के गोमुख दर्शन के लिए ट्रैकर और पर्यटक भागीरथी नदी के बीच जोखिम उठाकर यात्रा कर रहे हैं। इस स्थान पर पुलिया का निर्माण ना होने कारण वहां तैनात स्वास्थ्य मित्र रस्सियों की मदद से पर्यटकों को नदी पार करवा रहे हैं।

Tourists reaching Gomukh risking their lives

उत्तरकाशी में गोमुख ट्रैक के खुलने के बाद पर्यटकों और ट्रैकर्स की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। यात्री गोमुख दर्शन के लिए भागीरथी नदी के बीच रस्सियों के सहारे यात्रा कर रहे हैं। गोमुख ट्रैक पर स्थित भोजवासा में ट्रॉली का संचालन अभी तक सुचारू नहीं हो पाया है। इसके अलावा, नदी पर कोई अस्थायी पुलिया भी नहीं बनाई गई है, जिससे जलस्तर बढ़ने पर गंभीर दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।

रस्सियों की मदद से कर रहे नदी पार

इस ट्रैक पर कहीं जगह पर क्षतिग्रस्त मार्ग होने के कारण ट्रैकर्स अपनी जान जोखिम में डालकर गोमुख तक पहुँच पा रहे हैं। इस मार्ग पर ट्रैकर्स को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटक गोमुख दर्शन के लिए पुराने मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। इस ट्रैक पर सुविधाएं बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही है। वन विभाग द्वारा अब तक भागीरथी नदी पर पुल निर्माण नहीं किया है, जिस कारण वहां तैनात स्वास्थ्य मित्र ट्रैकर्स को रस्सियों की मदद से नदी पार करवा रहे हैं।
गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि गोमुख ट्रैक पर सुरक्षा और सहायता के लिए वन विभाग के कर्मचारी तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भोजवासा में ट्रॉली का संचालन किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा जल्द ही भागीरथी नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा।