उत्तराखंड: आखिरकार पहाड़ की बेटी को मिला न्याय, अंकिता भंडारी हत्याकांड में 3 को उम्रकैद

कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
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Ankita Bhandari murder case: Life imprisonment to 3 accused in Ankita Bhandari murder case
Image: Life imprisonment to 3 accused in Ankita Bhandari murder case

कोटद्वार: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोर्ट के फैसले का इन्तजार आज खत्म हो गया है। आज 30 मई को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Life imprisonment to 3 accused in Ankita Bhandari murder case

कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने आज अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट में तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के खिलाफ 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने यह फैसला भी सुनाया कि, आरोपी पक्ष द्वारा मृतका अंकिता भंडारी के परिजनों को चार लाख रुपये दिए जाएँगे।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ फैसला

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में फैसले के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा कोटद्वार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से पुलिस फोर्स कोटद्वार बुलाई गई है, अदालत परिसर के बाहर सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। लेकिन उसके बावजूद कोर्ट की सुनवाई के दौरान बाहर जमा भीड़ ने बैरिकेडिंग को तोड़कर कोर्ट के अंदर जाने का प्रयास किया। पुलिस टीम अपनी पूरी ताकत के साथ लोगों को रोकने का प्रयास के प्रयास में लगी रही।

500 पृष्ठों का आरोपपत्र

अंकिता हत्याकांड के मामले में लगभग दो साल और आठ महीने तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने विवेचक सहित 47 गवाहों को अदालत में पेश किया। हालांकि, एसआईटी ने इस मामले में 97 गवाहों को तैयार किया था, जिनमें से केवल 47 महत्वपूर्ण गवाहों को ही अदालत में पेश किया गया। एसआईटी की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत में 500 पृष्ठों का आरोपपत्र प्रस्तुत किया। बीते 19 मई 2025 को अभियोजन पक्ष के वकील विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की बहस का उत्तर देकर सुनवाई का क्रम समाप्त किया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने की तिथि 30 मई 2025 की तारीख तय की थी। जिसके बाद पुलिस इस मामले के तीनों आरोपियों को उम्र कैद की कड़ी सजा सुनाई है।