रुद्रप्रयाग: खेत में काम कर रही थी चेता देवी, घात लगाकर बैठे गुलदार ने किया हमला... ग्रामीणों में दहशत

ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि स्कूल खुलने से पहले इस खतरे को नियंत्रित किया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके...
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leopard attack: Cheta Devi was attacked by a leopard in Rudraprayag
Image: Cheta Devi was attacked by a leopard in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार स्थित एक गांव में आज सुबह खेत में काम करती एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला बुरी तरह घायल हुई है, उन्हें 108 एंबुलेंस की सहायता से अगस्त्यमुनि स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

Cheta Devi was attacked by a leopard in Rudraprayag

जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग के बसुकेदार स्थित डांगी गांव में सोमवार यानि सुबह करीब 9 बजे 65 वर्षीय चैता देवी, पत्नी गोबिंद सिंह, खेतों में काम कर रही थी. इस दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने चैता देवी पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर गांव के अन्य लोग भी खेत की ओर दौड़े. ग्रामीणों को आते देख गुलदार महिला को छोड़कर वहां से भाग गया. लेकिन गुलदार के इस घातक हमले में महिला बुरी तरह घायल हो गए हैं, उनके सिर, हाथ और पैर पर गंभीर घाव आए हैं। ग्रामीणों ने घायल महिला को 108 एंबुलेंस की सहायता से अगस्त्यमुनि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चैता देवी का इलाज चल रहा है।

गांव में भेजी निरीक्षण टीम

अगस्त्यमुनि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने बताया कि चैता देवी के सिर और पांव गहरे घाव है, इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है। उसी दौरान उत्तरी जखोली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुरेन्द्र सिंह नेगी भी अगस्त्यमुनि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, और घायल चैता देवी का हाल-चाल जाना. सुरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में निरीक्षण टीम भेज दी गई है। इस हादसे के बाद डांगी गांव के निवासियों में दहशत फैल गई है, यह घटना गांव के प्राथमिक विद्यालय से 100 मीटर की दूरी पर हुई है। डांगी गांव में इससे पहले भी कई बार लोग इसका शिकार बन चुके हैं।

गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण

ग्रामीणों का कहना है कि कल, यानी 1 जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे, इस प्रकार की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि स्कूल खुलने से पहले इस खतरे को नियंत्रित किया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।