बीते 2 जुलाई को ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर 19 कांवड़ियों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में 3 कावड़ियों की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हुई, अब इस मामले में ट्रक ड्राइवर का एक बयान सामने आया है।
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Image: Tehri Truck Accident driver did not have a hill license
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा के संबंध में लगातार अधिकारियों को निर्देशित कर रही है। सीएम धामी स्वयं हरिद्वार जाकर साधु संतों और अधिकारियों से मिलकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके बावजूद, कई कर्मचारी उनके निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। यह बात 2 जुलाई को टिहरी गढ़वाल में कावड़ियों से भरे ट्रक हादसे के बाद सामने आई है। हादसे के बाद ट्रक के चालक का एक बयान सामने आया है।
Tehri Truck Accident: driver did not have a hill license
दरसअल, बीते 2 जुलाई को टिहरी गढ़वाल में ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर 19 कांवड़ियों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में 3 कावड़ियों की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हुई और 16 कांवडिये गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF और पुलिस प्रशासन की टीम भी पहुंची, इसके अलावा ट्रक को बाहर निकालने के लिए कई जेसीबी का सहारा लेना पड़ा था। इस हादसे के कारणों के जांच के बाद अब इस मामले में ट्रक ड्राइवर का एक बयान सामने आया है।
900 रूपये देकर किया भद्रकाली चेक पोस्ट पार
दुर्घटनाग्रस्त हुए ट्रक के ड्राइवर राहुल कुमार ने अपने बयान में बताया कि उसके पास हिल लाइसेंस नहीं था। जिसके चलते उसने टिहरी गढ़वाल जाने से पहले भद्रकाली चेक पोस्ट पर 900 रूपये देकर अपने ट्रक को पहाड़ की ओर ले जाने की इजाजत ली थी। ट्रक ड्राइवर राहुल के बयान के बाद टिहरी के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने उसके बयान और इस पूरे मामले की जांच करवाई है।
सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुई सच्चाई
एसएसपी टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने भद्रकाली चेक पोस्ट पर स्थापित सीसीटीवी कैमरे की जांच की। उन्होंने बताया कि हमने चेक पोस्ट की पूरी तरह से जांच करवा ली है। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ है कि किसी भी पुलिस चेक पोस्ट पर ट्रक चालक ने किसी से संपर्क नहीं किया। इस स्थान पर आरटीओ की भी चेक पोस्ट मौजूद है। अब इस मामले के उजागर होने के बाद कई प्रकार के प्रश्न भी उठ रहे हैं कि आखिरकार उस दुर्घटना में किसकी लापरवाही थी। जबकि हाल ही में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कई गंभीर घटनाएँ घटित हो चुकी हैं।