उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद भी श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर रहे हैं। केदारनाथ धाम में भी इस वक्त यात्रियों की आवाजाही काफी है। ऐसे में पहाड़ के संदीप सेमवाल की ईमानदारी की कहानी पूरी केदारघाटी में गूंज रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Sandeep Semwal of Sersi returned tourist goods worth lacs
रुद्रप्रयाग: पहाड़ियों की ईमानदारी और साफ-दिली के किस्से, गोया पूरी दुनिया में मशहूर हैं। पहाड़ियों को साफ और सच्चे दिलवाला माना जाता है। ये बात एक बार फिर सिद्ध हो गई जब केदारघाटी के सेरसी के एक होटल ओनर ने यात्री के लाखों के समान को सकुशल उस तक पहुंचा दिया।
Sandeep Semwal of Sersi returned tourist goods worth lacs
उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद भी श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर रहे हैं। केदारनाथ धाम में भी इस वक्त यात्रियों की आवाजाही काफी है। ऐसे में पहाड़ के संदीप सेमवाल की ईमानदारी की कहानी पूरी केदारघाटी में गूंज रही है। दरअसल, केदार घाटी के सिरसी (सेरसी) में संदीप सेमवाल का "होटल शेरावाली" नाम से प्रतिष्ठान है। यहां पर 12 जुलाई को एक यात्री के फोन, अन्य कीमती समान और 45000 रुपए की नकदी छूट गई। दरअसल यात्री ने जल्दबाजी में अपना सामान होटल में ही छोड़ दिया था। यात्रियों के जाने के बाद जब साफ सफाई करने के लिए संदीप सेमवाल कमरे में गए तो उन्हें वहां यात्रियों का लाखों का सामान पड़ा मिला। कोई और होता तो वह इस समय कुछ भी कर सकता था लेकिन पहाड़ी और ईमानदारी एक दूसरे के पूरक हैं, संदीप सेमवाल ने यात्री को बाकायदा फोन कर वापस होटल में बुलाया और उनकी 45000 रुपए की नकदी, फोन और अन्य कीमत सामान उनके सुपुर्द कर दिया।
कीमती सामान वापस पाकर फूला नहीं समाया यात्री
अपना सामान और पैसे वापस पाकर यात्री कि जैसे जान में जान वापस आ गई। यात्री खुशी से फूला नहीं समाया। उसने संदीप सेमवाल को इनाम देने की भी कोशिश की लेकिन संदीप ने हंसकर उसे टाल दिया। इसके बाद यात्री बाबा केदार और केदार घाटी के निवासियों की जय जयकार करते हुए वापस लौट गया। केदार घाटी के सिरसी के शेरावाली होटल के ऑनर संदीप सेमवाल का ये काम ईमानदारी की एक मिसाल है। संदीप सेमवाल जैसे लोग ही हैं जिनके कारण इंसानियत अभी भी जिंदा है। राज्य समीक्षा संदीप सेमवाल को बधाई देता है, साथ ही बाबा केदार से उनकी प्रसन्नता की कामना करता है। शाबाश संदीप।