उत्तराखंड में आई भयानक आपदा पर विशेष वर्ग के व्यक्ति के भद्दे कमेंट, इन्हें शर्म नहीं आ रही

जब एक यूजर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर थोड़ी सी शर्म बची हो तो ट्वीट हटा दो। इस पर साद अंसारी ने बेशर्मों की तरह उल्टा जवाब देते हुए लिखा है कि 'शर्म किस चीज की, क्या गलत कहा है?
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Uttarkashi Flood: Ugly comments on Uttarkashi disaster
Image: Ugly comments on Uttarkashi disaster

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में धराली में आपदा के बाद चारों ओर तबाही का दृश्य है। इस आपदा में कई लोग अपनी जान खो चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। रेस्क्यू टीम मंगलवार शाम से अब तक बचाव कार्य में जुटी हुई है, पूरे क्षेत्र में अब भी भय का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में हमें वहां के स्थानीय लोगों को सांत्वना देनी चाहिए, इसके बजाय कुछ असामाजिक तत्व अपने धर्म को ऊंचा बताने के लिए अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं।

Ugly comments on Uttarkashi disaster

बीते मंगलवार को गंगोत्री धाम से लगभग 20 किलोमीटर पहले धराली में दल फटने के कारण खीरगंगा नदी में आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। पहाड़ से आई बाढ़ के मलबे ने कई मकानों, होटलों और बाजारों को प्रभावित किया है। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। क्षेत्र में राहत का कार्य अब भी लगातार जारी है। इस समय पूरा देश धराली के निवासी लोगों की सलामती की दुआ कर रहा है। लेकिन सोशल मिडिया पर कुछ ऐसे असामाजिक तत्व भी हैं जो इस दुखद घड़ी में भी धर्म के नाम पर उल्टी-सीधी टिप्पणियाँ कर रहे हैं।

हुसनै 72 नाम के पेज पर की गई भद्दी पोस्ट

दरअसल X.com पर हुसनै 72 नाम के एक पेज पर वक विवादास्पद पोस्ट में लिखा गया कि यह अल्लाह का न्याय है, क्योंकि 'उत्तराखंड में मुसलमानों के घरों को जालिम बुलडोजर से रौंदा गया था, लेकिन आज खुद उनका घर अल्लाह के कहर से नहीं बच सका। यह है न्याय जो ताज पहनने वालों को भी रेत में मिला देता है। या अल्लाह, तू मजलूमों की आह का हिसाब इस दुनिया में ही ले ले। इस विवादित पोस्ट में कुदरत का इंसाफ और जुल्म से हलाकत तक हैशटैग किया गया है। X.com पर हुसनै 72 नाम पर बना यह फेन पेज दिल्ली की लोकेशन बता रहा है।

सोशल मीडिया पर बेशर्म ट्वीट

इसके अलावा, अली सोहराब नामक एक यूजर ने X.com पर धराली आपदा का वीडियो साझा करते हुए लिखा है, 'यह कुदरत का बुलडोजर है।' जिसमें साद अंसारी नाम के एक अन्य यूजर ने कमेंट किया है कि 'कहते हैं कि खुदा की लाठी में आवाज नहीं होती है। यह वही उत्तराखंड है जहां पिछले साल मुसलमानों को परेशान किया गया था!' वहीं, जब एक यूजर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर थोड़ी सी शर्म बची हो तो ट्वीट हटा दो। इस पर साद अंसारी ने उल्टा जवाब देते हुए लिखा है कि 'शर्म किस चीज की, क्या गलत कहा है?

कार्रवाई तय

ऐसे में कई लोगों ने उत्तराखंड और उत्तरकाशी पुलिस को टैग करते हुए ऐसी पोस्ट करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वर्तमान में पुलिस या शासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन धराली में राहत और बचाव कार्य समाप्त होने के बाद नफरत और गलत जानकारियां फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही हैं।