उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, धराली में 9 आर्मी जवानों के साथ-साथ 8 स्थानीय और 2 नेपाली मूल के मजदूर अब भी लापता हैं। जो जवान लापता हैं, वे आपदा के समय निचले हर्षिल क्षेत्र में स्थित शिविर में तैनात थे।
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Image: 9 soldiers and 10 others still missing in Dharali Disaster
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बीते पांच अगस्त को आई आपदा ने धराली में तबाही मचाई है। इस आपदा में स्थानीय लोगों के साथ कई आर्मी के जवान भी लापता हुए थे. जिनमें से रेस्क्यू टीम ने आर्मी के 11 घायल जवानों को रेस्क्यू कर एयरलिफ्ट किया है और 9 जवान अब भी लापता हैं। इन सभी घायल जवानों को आईटीबीपी मातली में पहुंचाया गया है।
9 soldiers and 10 others still missing in Tharali Disaster
उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, धराली में 9 आर्मी जवानों के साथ-साथ 8 स्थानीय और 2 नेपाली मूल के मजदूर अब भी लापता हैं। जो जवान लापता हैं, वे आपदा के समय निचले हर्षिल क्षेत्र में स्थित शिविर में तैनात थे। हालांकि ITBP, NDRF और भारतीय सेना के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती मौसम बन रहा है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड के चलते हाईवे बंद हो गए हैं। कुछ स्थानों पर स्थिति यह है कि पूरी सड़क ही बह गई है। ऐसे में बाकी की रेस्क्यू टीम को धराली तक पहुंचने में समय लग रहा है।
आपदा के 24 घंटे बाद पहुंच पाए हेलीकॉप्टर
भारतीय सेना के अनुसार, उत्तरकाशी के धराली में हुए विनाशकारी बादल फटने के बाद भारतीय सेना ने एक त्वरित और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान शुरू किया है। मौसम खराब होने के कारण धराली में आई आपदा के 24 घंटे तक हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए थे। लेकिन अब उत्तरकाशी में बारिश रुकने और मौसम साफ होने के बाद हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरनी शुरू कर दी है। इसके बाद गंगोत्री हाईवे पर फंसी NDRF की टीमें और मेडिकल स्टाफ अब हेलीकॉप्टर के माध्यम से धराली पहुंच रहे हैं। भटवाड़ी हेलीपैड से 2 से 3 हेलीकॉप्टर उड़ान भर चुके हैं। शाम लगभग 5 बजे उड़ान भरने के आधे घंटे के भीतर ही हेलीकॉप्टरों की लगभग 40 शॉर्टी हो चुकी है।