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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी पर बनी अस्थायी झील के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जलभराव से प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। जलमग्न हो चुके यमुनोत्री पुल के पास शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
बीते गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद के यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में अचानक मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गए थे। जिस कारण यमुना नदी का बहाव बाधित हुआ और नदी पर अस्थायी झील बन गई। झील का जलस्तर बढ़ते ही आसपास के घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। स्यानाचट्टी, कुथनौर और खराड़ी क्षेत्रों के सभी भवनों और होटलों को एहतियातन खाली करा दिया गया। अब तक लगभग 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।