उत्तराखंड: साइड देते समय सड़क किनारे पलटी स्कूल बस, मची चीख-पुकार.. 40 नौनिहाल थे सवार

जनपद नैनीताल में साइड देते समय एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। इस दौरान बस में करीब 40 बच्चे सवार थे। ग्रामीणों ने घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया..
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
School bus accident: School bus accident in Lalkuan Nainital
Image: School bus accident in Lalkuan Nainital

लालकुआं: ई। इस हादसे में बस चालक और परिचालक सहित एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने निजी अस्पताल पहुंचाया।

School bus accident in Lalkuan, Nainital

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बरेली रोड स्थित जयपुर बीसा गांव के पास भीषण सड़क हादसा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां पदमपुर देवलिया के समीप चौराहे के पास दो स्कूल बसें आमने-सामने से निकलते समय साइड लेने की कोशिश कर रही थीं। इस दौरान एक बस अधिक किनारे चली गई और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। इस दौरान बस में करीब 40 बच्चे सवार थे।

एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल

बस के खाई में पलटते ही स्कूली बच्चों में चीख-पुकार मच गई। हादसा होते देख ग्रामीण लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने बस के शीशे तोड़कर और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में करीब एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं, चालक और परिचालक को काफी चोट आई हैं। ग्रामीणों ने तुरंत घायल बच्चों को निजी अस्पताल पहुँचाया, जहां चिकित्सकों ने सभी बच्चों का इलाज किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस पास के नाले में गिर जाती, तो हादसा और बड़ा हो सकता था।

प्रशासन का एक भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा

ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि यह हादसा बस चालकों की लापरवाही के कारण हुआ है। उनका कहना है कि उनके क्षेत्र में कई निजी स्कूलों के बस चालक लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं, यहाँ तक कि कुछ चालक नशे की हालत में भी वाहन चलाते देखे गए हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इतना बड़ा सड़क हादसा होने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस हादसे में घायल हुए बच्चों को ग्रामीणों ने ही अस्पताल पहुँचाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस तरह की लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।