उत्तराखंड: बादल फटने से दंपति सहित तीन लोगों की मौत, कई के लापता होने की आशंका

उत्तराखंड में बीते गुरूवार रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में भारी तबाही मची है। यहां मलबे में दबने से दंपति सहित 3 लोगों की दुखद मौत हुई है।
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cloudburst in Uttarakhand: Heavy destruction due to cloudburst in Uttarakhand
Image: Heavy destruction due to cloudburst in Uttarakhand

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने विकराल रूप दिखाया है। बीते गुरूवार को देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में भारी तबाही मची है। कई गांवों में आपदा के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। चमोली जिले में मलबे में दबने से एक दंपति की मौत की खबर आ रही है।

Heavy destruction due to cloudburst in Uttarakhand, 3 people died

दरअसल, यहां चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपटा गांव में बादल फटने से भारी नुकसान की खबर आ रही है। यहां एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसके मलबे में दबकर तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं। वहीं, गांव के विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। जिइस आपदा में ग्रामीणों के घर और गोशाला भी दब गए, जिससे करीब 15 से 20 पशुओं की मौत की आशंका है। गांव की कई सड़कों और रास्तों पर भारी मलबा आने से आवागमन ठप हो गया है।

मलबे में दबने से एक महिला की मौत

इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ हैं। यहां जखोली ब्लॉक के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यहां 18 से 20 लोग लापता हैं। बड़ेथ और डुंगर तोक गांवों में देर रात हुई इस घटना में कई खेत बह गए, कई अस्थायी मकान (छानियां) भी पूरी तरह नष्ट हो गए है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो सकती है। कई घरों में मलबा घुस आया है, कई वाहन दब गए हैं। साथ ही जखोली ब्लॉक के छेनागाड़ और बांगर गांवों में भी अतिवृष्टि से तबाही की खबर है। यहां विश्वनाथ सेवा की एक बस भी भूस्खलन की चपेट में आई है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा-मन्दाकिनी नदी सहित सभी नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन के कारण सड़के कई जगहों पर अवरुद्ध हो गई हैं।

गेंवाली गांव में भी भारी नुकसान

टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी भारी बारिश के कारण आए भूस्खलन में खेत, रास्ते और ग्रामीण बस्तियां प्रभावित हुई हैं। गनीमत रही कि यहां कोई जनहानि नहीं हुई है। इन सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर प्रशासनिक टीमें हालात का जायजा ले रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनाओं पर शोक जताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि वे लगातार आपदा प्रबंधन सचिव और जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं और हालात की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज़ करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। रुद्रप्रयाग का ये विडियो भी देखिये..

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