उत्तराखंड: प्रॉपर्टी डीलर महेश जोशी ने ली खुद की जान, सुसाइड नोट में पटवारी पर बड़े इल्जाम

भीड़ ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि जब तक आरोपी पटवारी पूजा रानी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे शव को नहीं उठाएँगे। लगातार संवाद और आश्वासन के बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हुए..
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Mahesh Joshi committed suicide: Patwari involvement in property dealer Mahesh Joshi death
Image: Patwari involvement in property dealer Mahesh Joshi death

लालकुआं: लालकुआं क्षेत्र के समाजसेवा के लिए समर्पित व्यक्ति माने जाने वाले प्रॉपर्टी डीलर महेश की मौत के बाद से ग्रामीण आक्रोश में हैं। उनकी जेब से मिले सुसाइड नोट ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ग्रामीणों ने उनके शव को कोतवाली गेट पर रख दिया और नारे लगाने लगे “महेश को न्याय दिलाओ, दोषियों को गिरफ्तार करो!”

Patwari involvement in property dealer Mahesh Joshi death

जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र के प्रॉपर्टी डीलर महेश ने बरेली के श्रीराम मूर्ति अस्पताल में अंतिम सांस ली। महेश जोशी की जेब से मिले सुसाइड नोट ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। उसमें उन्होंने लिखा था कि "मैं अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूँ। इसमें मेरे घर या बाहर के किसी का कसूर नहीं है। लालकुआं की पटवारी पूजा रानी ने मुझे काफी परेशान किया है। मेरे मरने के बाद इंसाफ दिला देना।" इस चिट्ठी ने ग्रामीणों के गुस्से को और हवा दी। हर कोई यही कहता दिखा कि महेश अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वे न्याय की गुहार लगाते हुए इस दुनिया से गए हैं। इसलिए समाज का हर व्यक्ति यही चाहता है कि उन्हें इंसाफ दिलाकर ही उनकी आत्मा को शांति मिले।

महेश को न्याय दिलाने की मांग

बीते सोमवार की शाम करीब पांच बजे महेश का शव लालकुआं कोतवाली लाया गया, वहां मौजूद भीड़ का सब्र टूट गया। परिजन बेसुध होकर रोते-बिलखते रहे, जबकि ग्रामीण गुस्से से भर उठे। भीड़ ने शव कोतवाली गेट पर रख दिया और नारे लगाने लगे “महेश को न्याय दिलाओ, दोषियों को गिरफ्तार करो!”। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी, विधायक और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करने लगे।

पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

लेकिन भीड़ ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि जब तक आरोपी पटवारी पूजा रानी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे शव को नहीं उठाएँगे। लगातार संवाद और आश्वासन के बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हो रहे थे। आखिरकार रात करीब नौ बजे मोबाइल स्क्रीन पर आरोपी पटवारी पूजा रानी से पूछताछ का वीडियो दिखाया गया। यह दृश्य देखने के बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ, और उन्होंने शव को कोतवाली से उठाया।

संलिप्तता साबित होने पर होगी विभागीय कार्रवाई

सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि " ग्रामीणों के विरोध की सूचना पर मैं लालकुआं कोतवाली पहुंचा और पूरी जानकारी ली। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और पटवारी को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में संलिप्तता साबित होने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।"